टिम कुक के भारत दौरे ने उड़ाई चीन की नींद

बीजिंग। पिछले दिनों ऐपल के सीईओ टॉम कुक भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्या मिले चीन की चिंताएं बढ़ गई है। चीनी मीडिया के मुताबिक, ऐपल के भारत में अपने उत्पादन के क्षेत्र में काम करने की दिलचस्पी के बाद चीन में हजारों नौकरियां खतरे में पड़ गई है।
ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है- ऐसा लगता है कि अब समय आ गया है कि चीन विचार करे कि क्या वह ऐपल इंक की उत्पादन की संभावित विदाई को तैयार है। हाल में कुक के भारत दौरे का जिक्र करते हुए ये बात कही गई है। गौरतलब है कि टॉम कुक जब भारत आए थे तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एपल के उत्पादन संभावना पर विस्तार से बात की।
एक आधिकारिक बयान जारी कर ऐपल इंक ने भारत में भविष्य की योजनाओं को साझा किया। कुक ने भारत में एपल के उत्पादन संभावनाओं और इसकी बिक्री पर चर्चा की। उन्होंने भारत के युवा क्षमताओं की तारीफ करते हुए कहा कि युवाओं में महत्वपूर्ण कौशल है।
कुक के दिए बयानों के बाद चीन में इस बात पर जोरदार बहस चल रही है। संपादकीय में कहा गया है कि वेतन वृद्धि से चीन की श्रम संबंधी प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल असर पड़ा है और अनेक विनिर्माण कंपनियां यहां से चली गई हैं। अब इस बात का डर है कि अगला नंबर ऐपल का है। इसके अनुसार ऐपल के किसी फैसले का असर चीन में हजारों श्रमिकों की नौकरी पर हो सकता है।
ऐसा स्वभाविक है कि ऐपल अपने उत्पादन केन्द्र चीन से बाहर किसी दूसरे एशियन देशों में कम उत्पादन लागत की वजह से ले जा सकता है





