एयरपोर्ट पर प्रियंका साथ होने पर,नहीं होगी रॉबर्ट वाड्रा की जांच

नई दिल्ली। क्या एयरपोर्ट पर प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की जांच होती है ? क्या वो उन वीवीआईपी की लिस्ट में शामिल हैं जिन्हें जांच प्रक्रिया से छूट अभी भी हासिल है? इस सवाल का जवाब हां और ना दोनों है।
पिछले साल सितंबर तक उन्हें एयरपोर्ट पर जांच से छूट हासिल थी। लेकिन सियासत के सवालों में वो ऐसे उलझे कि उनसे विशेष छूट का दर्जा हटा लिया गया। लेकिन अब ये जानकारी सामने आ रही है कि जब वो अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पर जाएंगे तो उनकी जांच नहीं होगी। इसके पीछे वजह ये बतायी जा रही है कि प्रियंका गांधी को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है।
रॉबर्ट वाड्रा जब सोनिया गांधी या राहुल गांधी के साथ यात्रा करेंगे तो उन्हें जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को एयरपोर्ट पर जांच प्रक्रिया से छूट दी है।
देश में 30 वीवीआइपी लोगों को एसपीजी की सुरक्षा हासिल हैं। जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हैं। नियम के तहत एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों से संबधित पति या पत्नी को एयरपोर्ट पर जांच से छूट का प्रावधान रखा गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने सरकार से कहा कि उनका नाम उन विशिष्ट लोगों की सूची से हटा दिया जाए जिनकी हवाई अड्डे पर तलाशी नहीं ली जाती है। वाड्रा ने फेसबुक पर अपने स्टेट्स संदेश में लिखा कि भारत के हवाई अड्डों के सभी टर्मिनल पर जाने और वीवीआईपी सूची में अपने नाम पर सफेद टेप लगाने तथा शीर्ष पर अपना दस्तखत करने की योजना है।
अभी जो स्थिति है उसके अनुसार जब वाड्रा किसी एसपीजी सुरक्षा वाले व्यक्ति के साथ सफर करते हैं तो हवाई अड्डे पर उनकी जामा तलाशी नहीं होती। अगर वीवीआईपी लोगों की सूची से उनका नाम हटा दिया जाएगा तो किसी एसपीजी सुरक्षा वाले व्यक्ति के साथ सफर करने पर भी हवाई अड्डों पर उनकी तलाशी ली जाएगी। हवाई अड्डों पर वाड्रा की तलाशी और चेकिंग का मुद्दा कई बार उठाया जा चुका है।
गौरतलब है कि सरकार ने हाल ही में कहा था कि वीवीआईपी सूची से उनका नाम हटाने का उसका कोई इरादा नहीं है। पिछले हफ्ते भी वड्रा ने एक बयान में सवाल किया था कि उनका नाम हवाई अड्डों पर वीवीआईपी सूची से क्यों नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने आश्चर्य जताया था कि कहीं यह उनकी छवि खराब करने की कोई साजिश तो नहीं है। उन्होंने तब कहा था कि मैं इस सूची से अपना नाम हटाने के लिए कई बार सहमति दे चुका हूं। मेरा व्यवहार ऐसा कहता है। लेकिन सरकार ने मेरे प्रति खतरे की जो आंकलन किया है कि उसके मुताबिक इस सूची में मुझे रखने की जरूरत नहीं है।





