एच-1बी वीजा के दुरुपयोग पर सख्त ट्रंप प्रशासन, भारतीयों को लग सकता है झटका


टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक एक अलग वीजा जारी करने में शामिल एजेंसी यूएससीआईएस ने एच- 1बी की याचिकाओं को तय करने में नौकरशाही नियमों को कसने के लिए एक अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना जारी कर आवेदकों से कहा गया है कि वे केवल अपनी डिग्री पेश करने के बजाय अधिक सबूत और पेपर वर्क पेश करें ताकि सही से पता लगाया जा सके कि वे उस जॉब के लिए क्वालीफाइड हैं या नहीं। एच -1बी वीजा की जांच के लिए लाए गए कानून लगभग दो दशकों से मौजूद हैं।
वर्तमान प्रशासन के अधिकारियों का सुझाव है कि उन कानूनों को वर्षों से ढील दी गई है और खराब तरीके से लागू किया गया है और इसी के चलते याचिकाकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर वीजा का दुरुपयोग कर उन नौकरियों के लिए के लिए भी इच्छा जताई जिसके वे कबिल नहीं थे।
इस प्रकार के वीजा को ग्रहण करने में भारतीयों की संख्या अच्छी खासी है। गौरतलब है कि अमेरिकी पिछले काफी समय से एच -1बी वीजा में सुधार के संकेत देता आ रहा है। अब जब अमेरिका ने माना है कि एच -1बी वीजा के दुरुपयोग के कई मामले सामने आ रहे हैं तो वह एच -1बी वीजा में सुधार के कदम जल्द ही उठा सकता है। व्हाइट हाउस की तरफ से दिए गए एक बयान में कहा गया है कि वह एच -1बी वीजा का दुरुपयोग किसी भी हालत में नहीं होने देगा ट्रंप प्रशासन इसके लिए जल्द से जल्द कानून बनाने जा रहा है।





