एचआईवी (एड्स) को लंबे समय तक नियंत्रित करने का उपाय संभव

hiv_07_05_2016वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने एक नई दवा विकसित कर एचआईवी (एड्स) को लंबे समय तक नियंत्रित करने का उपाय ढूंढ लिया है। सिर्फ एक एंटीबॉडी डोज के जरिए मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा ली जाएगी। इस नए इलाज के जरिए जहां एचआईवी संक्रमण से किसी मरीज की मौत निश्चित मान ली जाती थी, अब ऐसे मरीज इस बीमारी के रहते हुए भी दशकों तक जी सकते हैं।

यह एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी के तहत दवाओं के एक समूह के जरिए ह्यूमन एमिनोडिफिशियंसी वायरस (एचआईवी) के वायरस के संख्या में बढ़ने की गति को धीमा कर देता है। इस दवा से संक्रमण का इलाज बदल गया है। अब इस जानलेवा मानी जाने वाली बीमारी के रहते भी मरीजों की लंबी आयु हो सकेगी। हालांकि इस इलाज का साइड अफेक्ट भी है। इस इलाज से किडनी की समस्या, हड्डियों का क्षीण होना और तीव्र गैस की पीड़ा हो सकती है।

अमेरिका के राकेटफेलर यूनिवर्सिटी और जर्मनी की कोलोन यूनिवर्सिटी में अनुसंधानकर्ता एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी का प्रथम चरण का क्लीनिकल ट्रायल कर रहे हैं। रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के टिल स्कूफ्स ने बताया कि शोध में पक्के प्रमाण मिले हैं कि एक एंटीबॉडी डोज से मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। मरीज का शरीर वायरस के खिलाफ नई और बेहतर एंडीबाडीज बनाने में सक्षम हो जाता है। इस शोध को साइंस नाम की पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

Back to top button