उसकी आखिरी लाइन जो करना है करलो पंर मुझे मत मारो मैं जीना चाहती…

शिमला कोटखाई, हिमाचल में 8 जुलाई को इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक बेहद दुखद घटना को अंजाम दिया गया।जंगल के रास्ते से स्कूल से घर लौट रही दसवीं कक्षा की एक मासूम बच्ची के साथ बड़ी ही क्रूरता से 6 दरिंदो ने पहले तो सामूहिक बलात्कार किया फिर उसका गला दबा कर उसकी हत्या कर दी और उसे जंगल मे निर्वस्त्र फेक दिया।

परंतु हिमाचल पुलिस और प्रशाशन ने इस केस को पहले तो बिल्कुल भी गम्भीरता से नही लिया। लेकिन बाद में जनता छात्र संगठन Abvp के दवाब में कार्यवाही की तथा बहुत से लोगो को गिरफ्तार किया । फिर 6 लोगो को पुलिस ने दोषी करार दे दिया। लेकिन बताया जा रहा है कि असली अपराधी अब भी पुलिस गिरफ में नही है जो की एक नेता का रिस्तेदार बताया जा रहा है।

हिमाचल सरकार मुजरिमो को बचाने का पूरा प्रयास कर रही है,पहाड़ की यह मासूम गुड़िया आज इन दरिंदो की बजह से अपनी जिंदगी गवा चुकी है। आज कोई राजनीतिक पार्टी कोई NGO उसके साथ नही खड़ा है,कोई भी TV चैनल इस खबर को नही दिख रहा है।

मेरी आप सब से गुजारिश है कि ज्यादा से ज्यादा गुड़िया के समर्थन में आये तथा उसे भी निर्भया की तरह इंसाफ दिलवाए।
लड़की के माता पिता पर इस वख्त क्या गुजर रही होगी जब उनके साथ कोई साथ खड़ा नही है।

लड़की के माता पिता इसकी CBI जांच चाहते है। आप अधिक से अधिक इस खबर को शेयर करें ताकि जनता के दवाब में आ कर इस केस की CBI जांच करवा कर उस मासूम के हत्यारों को फांसी की सजा दिलवाई जा सके…





