उत्तराखंड में बंद हुए 500 आधार कार्ड सेंटर, अब केवल यहां बनेंगे

उत्तराखंड में जल्द ही पांच सौ से ज्यादा आधार कार्ड सेंटर बंद हो गए हैं। इसके चलते पूरे प्रदेश में आधार कार्ड बनवाने का संकट पैदा हो गया है। आगे जानते हैं इसकी बड़ी वजह…
उत्तराखंड में बंद हुए 500 आधार कार्ड सेंटर, अब केवल यहां बनेंगे
 

दरअसल, उत्तराखंड में आधार कार्ड बनाने का मुख्य काम छह सौ से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम किया जा रहा है। लेक‌िन पांच सौ से अधिक सीएससी कार्ड बनाने में तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं। 

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वहीं जानकारी के मुताब‌िक केंद्रीय सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय को को इन सेंटरों के ख‌िलाफ श‌िकायतें म‌िल रही थी। प्रत्येक आधार कार्ड बनाने से पहले एजेंसी संचालक को अपने अंगूठे का भी निशान देना होता है, लेकिन कई जगह एजेंसी संचालक विशेष साफ्टवेयर के जरिए इस व्यवस्था को धता बता रहे थे। 
 

आधार बनाते समय दस्तावेजों का वेरिफिकेशन भी आधे अधूरे तरीके से किया जा रहा था। इन शिकायतों के आधार पर प्रदेश में पांच सौ से अधिक सीएससी पर आधार बनाने का काम एक जुलाई से रोक दिया है। वहीं स‌ितंबर से केवल सरकारी सेंटरों पर ही कार्ड बनेंगे। 
 

एक समाचार पत्र के मुताब‌िक देहरादून में सीएससी वेलफेयर सोसायटी के प्रमुख अरुण कुमार अरोड़ा के मुताबिक भारत सरकार के इस कदम से प्राइवेट एजेंसी संचालकों का लाखों रुपए का निवेश बरबाद हो गया है। अधिकारी पूछने पर सही जवाब तक नहीं दे पा रहे हैं।
 

बेसिक और जूनियर स्तर पर छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनाने में शिक्षा विभाग बेहद सुस्त चाल से चल रहा है। एक साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी अब तक केवल 74 फीसदी छात्रों के ही आधार कार्ड बन पाए हैं। 
 

जानकारी के मुताब‌िक केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में आधार कार्ड की प्रगति की लिस्ट भी भेजी है। इसमें उत्तराखंड 20 वें नंबर पर है। राज्य में सात लाख 84 हजार 637 में केवल  पांच लाख 82 हजार 387 के ही आधार कार्ड बन पाएं हैं। 
 
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