उत्तराखंड :फ्लोर टेस्ट की कार्यवाही शुरू, बसपा ने किया कांग्रेस का समर्थन

नई दिल्ली। उत्तराखंड की सियासत के लिए मंगलवार का दिन बेहद अहम है।
आज सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक कांग्रेस की हरीश रावत सरकार को बहुमत साबित करना है। इससे ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।
इसके बाद अब कांग्रेस के पास 28 विधायक हो गए हैं।
बहुमत से पहले कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को मसूरी के एक रिजॉर्ट में एकत्रित होने के लिए कहा था लेकिन कांग्रेस की एक विधायक रेखा आर्य वहां से गायब थी।
जहां एक तरफ इसे रेखा आर्य की बगावत माना जा रहा है वहीं कांग्रेस ने कहा है कि वो रेखा के परिवार के संपंर्क में है और रेखा आर्य रावत को ही वोट देंगी।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सदन में बहुमत परीक्षण से एक दिन पहले सोमवार को बड़ी अदालती आदेशों से बड़ी राहत मिली।
हाई कोर्ट ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने के स्पीकर के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं।
सुप्रीम कोर्ट ने भी इन विधायकों को कोई राहत देने से इनकार कर दिया।
इसका मतलब यह कि मंगलवार को हरीश रावत के विश्वास मत हासिल करने के प्रस्ताव पर ये बागी विधायक मतदान नहीं कर सकेंगे।
- ताजा परिस्थिति में बसपा, यूकेडी और निर्दलीयों के मोर्चा- पीडीएफ (प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट) की भूमिका बहुत अहम हो गई है। इसलिए सभी की नजरें उसी पर टिकी हैं।
- भाजपा ने बसपा को अपने खेमे में करने के लिए हरिद्वार पंचायत चुनावों में अपनी तरफ से समर्थन का एलान कर दिया है।
- जाहिर है कि भाजपा इसके एवज में बसपा से समर्थन पाने की कोशिश में है। साथ ही भाजपा की नजर यूकेडी और निर्दलीयों पर भी है। संभवतः इन्हीं के दम पर भाजपा नेता बहुमत अपने पक्ष में होने का दावा कर रहे हैं।
- इस तरह भाजपा यदि अपनी कोशिशों में कामयाब रही तो कांग्रेस के लिए परेशानी पैदा हो जाएगी। यदि बसपा के दो विधायक भाजपा के समर्थन में आ गए तो कांग्रेस की ताकत 33 से घटकर 31 हो जाएगी।
- हालांकि एक मनोनीत विधायक हैं, इसलिए राहत की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कांग्रेस की पहली कोशिश तो बसपा को साथ रखने की है।
- यदि यह नहीं हुआ तो वह चाहेगी कि बसपा शक्ति परीक्षण की वोटिंग में अनुपस्थित रहे। इससे सदन की प्रभावी संख्या 60 हो जाएगी और बहुमत के लिए उसके पास 31 विधायक होंगे।
- सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड के स्थानीय बसपा नेता भाजपा के संपर्क में हैं, लेकिन अंतिम फैसला बसपा प्रमुख मायावती ही करेंगी। मायावती ने अभी अपना पत्ता नहीं खोला है।






