उत्तराखंड के सभी सवालों के जवाब बसपा सुप्रीमो के पास!

imagesनई दिल्ली: उत्तराखंड में सियासी संकट के बीच मंगलवार का दिन दोनों ही पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि कल हरीश रावत को सदन में बहुमत साबित करना है। अगर देखा जाए तो अभी कांग्रेस के पास 9 बागी विधायकों हटाने के बाद 27  विधायक हैं। बीजेपी के पास एक बागी विधायक के हटने के बाद 27 विधायक हैं, 1 विधायक क्रांति दल का है, 3 विधायक निर्दलीय हैं और बीएसपी के 2 विधायक हैं।

बीएसपी की स्थानीय इकाई बीजेपी के साथ
ऐसी स्थिति में बसपा के दो विधायक काफी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक मायावती ने कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन जो बीएसपी की स्थानीय इकाई है बीजेपी के साथ जाना चाहती है। बीजेपी ने भी ऐलान कर दिया है कि हरिद्वार के जिला पंचायत चुनावों में वह बीएसपी का समर्थन करेगी, लेकिन अभी तक आखिरी निर्णय बीएसपी ने नहीं लिया है।

मायावती ने बुलाई बैठक
मंगलवार सुबह मायावती ने अपने दिल्ली आवास पर बीएसपी के बड़े नेताओं की बैठक बुलाई है, जिसके बाद ही कोई निर्णय होगा क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश चुनाव हैं और मायावती नहीं चाहती कि उससे पहले वह कांग्रेस या बीजेपी के साथ जाती हुई दिखें। सबको पता है कि बीएसपी में आखिरी निर्णय मायावती का होता है। ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही बीएसपी को साथ लाना चाहती हैं।

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