उत्तराखंड: कुमाऊं में लगातार बारिश से 70 सड़के बंद, पांच की मौत, रेड अलर्ट जारी


हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भारी बारिश के मद्देनजर पिथौरागढ़ में शुक्रवार को और चंपावत में शुक्रवार-शनिवार को दो दिन 12वीं तक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
शारदा, सरयू-गोमती, गौला और कोसी नदियां उफान पर हैं। टनकपुर में शारदा का जलस्तर बढ़कर 132068 क्यूसेक होने पर रेड अलर्ट कर बैराज पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। नैनीताल में खतरे की जद में आए 50 से ज्यादा मकान खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर जौलजीबी, लखनपुर एवं बंदरलीमा में चट्टानें खिसकने और मलबा गिरने से यातायात नौ घंटे बंद रहा। तवाघाट से पांगला जाने वाली सड़क तीनतोला के पास बुरी तरह ध्वस्त हो गई है। हालांकि थल-मुनस्यारी, जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर आवाजाही शुरू हो गई है। तेजम-शामा समेत आठ सड़कें अभी बंद हैं।
अल्मोड़ा जिले में आटी से डसीली, देघाट से चिंतोली, झिमार से भीताकोट और चिमटाखाल-भौनखाल मोटर मार्ग बारिश के कारण बंद हैं। कोसी में जलस्तर बढ़ने पर अलर्ट जारी करने के बाद बैराज के गेट खोल दिए गए हैं। बागेश्वर जिले में मूसलाधार बारिश के दौरान पेड़ गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया। दो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मलबा आने से कपकोट-पिंडारी, कपकोट-सामा-तेजम समेत दर्जन भर मोटर मार्गों पर मलबा आ गया, जिससे बृहस्पतिवार को दिनभर यातायात अवरुद्ध रहा।
इन जगहों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। यहां फंसे हुए यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि शाम को इसे खोल दिया गया। जिले में मंच-तामली समेत करीब 33 सड़कें बंद हैं। मंच-तामली सड़क बंद होने से सीमांत के गांव जिला मुख्यालय से कट गए हैं। मंच-तामली मोटर मार्ग पर काजवे में पानी के तेज बहाव की चपेट में आई कार बह गई, हालांकि चालक जान बचाने में सफल रहा।
नैनीताल में हरिनगर, सात नंबर और नारायणनगर क्षेत्र में 50 से भी अधिक मकान खतरे की जद में आ गए हैं। प्रशासन ने इन लोगों से अपने आवास खाली कर देने को कहा है। भीमताल में मंदिर मार्ग में झील से सटी दीवार का एक बड़ा हिस्सा गिरकर झील में समा गया है। नैनीताल-भवाली, पाडली और कैची के पास भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ देर तक बंद रहा। खैरना से अल्मोड़ा के बीच वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।
देवीपुरा-सौड़ समेत नैनीताल जिले के डेढ़ दर्जन मार्ग बंद हैं। हल्द्वानी में गौला का जलस्तर 25 हजार क्यूसेक से पार होने के कारण दिन भर बैराज के गेट खोले रखे गए। कोसी, शिप्रा और कुजगढ़ नदी उफान पर बह रही। हल्द्वानी में शनिबाजार नाला उफान पर रहा। नाला चोक होने से दर्जनों घरों में गंदा पानी घुस गया। बारिश होने से गौला में सिल्ट आ गई, जिसकी वजह से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही।
नैनीताल- 142 मिमी
ऊधमसिंह नगर – 100 मिमी
अल्मोड़ा- 93.2 मिमी
बागेश्वर – 10 मिमी
पिथौरागढ़- 23 मिमी
चंपावत- 56 मिमी
नदियों का जलस्तर
सरयू – 865.95 मीटर
गोमती – 862.80 मीटर
महाकाली 888.55 मीटर
गोरी 604.20 मीटर
रविवार तक रोजाना 20 मिमी बारिश होने की संभावना है। धान रोपाई के लिए जरूरत के मुताबिक बारिश हो चुकी है। किसान जल्द धान की रोपाई कर सकते हैं।
– डॉ.आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विवि
इनके साथ राहत-बचाव के उपकरण के अलावा डॉग स्क्वायड भी है। जरूरत पड़ने पर अल्मोड़ा से ही एनडीआरएफ के जवानों को कुमाऊं के अन्य जिलों में भेजा जाएगा।
अल्मोड़ा में एसडीआरएफ की 12 सदस्यीय प्रशिक्षित टीम भी तैनात है।





