ईरान में तीन जगहों पर हमला करने वाले थे ट्रंप, लेकिन इसलिए रोका…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ईरान पर सैन्य कार्रवाई इसलिए नहीं की क्योंकि इसमें 150 आम नागरिक मारे जाते. गुरुवार को ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध और खराब हो गए. इसके बाद युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी ईरान में तीन जगहों पर हमला करने की योजना थी. इस मामले पर ईरान का कहना है कि ड्रोन ने उसके एयरस्पेस का उल्लंघन किया है. वहीं वॉशिंगटन ने कहा कि ड्रोन इंटरनेशनल एयरस्पेस में मार गिराया गया. ट्रंप ने एनबीसी के मीट द प्रेस प्रोग्राम में एक इंटरव्यू के दौरान वाइट हाउस में कहा, ”मुझे यह अच्छा नहीं लगा.”

ईरान द्वारा अमेरिका का ड्रोन गिराए जाने से दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध जैसा माहौल बन गया. दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही बिगड़े हुए हैं. ईरान से तेल के निर्यात में रुकावट की आशंका के चलते शुक्रवार को तेल की कीमतें 1 प्रतिशत बढ़कर 65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं. यह संकेत देते हुए कि अमेरिका भी कूटनीति का रास्ता चुन सकता है, ईरानी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कई अहम खुलासे किए. उनके मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला होने की वाला था लेकिन उन्होंने कहा कि वह युद्ध के खिलाफ हैं और बातचीत करना चाहते हैं. अमेरिका ने सोमवार को बंद कमरे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की बैठक का अनुरोध किया है.

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इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर जवाब देते हुए कहा था कि ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी. गौरतलब है कि रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी ड्रोन को गोली से मार गिराया था. 13 जून को अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमले के लिए ईरान पर आरोप लगाया था. लेकिन ईरान ने इसका खंडन किया था.

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