इस लेक में होती है वर्ल्ड फेमस स्नेक बोट रेस, ऐसे कहलाता है INDIA का वेनिस

भोपाल.केरला के अलेप्पी में हर साल वर्ल्ड फेमस स्नेक बोट रेस होती है जिससे कवर करने दुनिया भर से लोग आते हैं। इस बार ये रेस 12 अगस्त को हो रही है।  वहां की झील के बारे में कि कैसे पानी के बीच बसे टापुओं में बोट से ही पूरी लाइफ चलती है। इसे इंडिया का वेनिस भी कहते हैं। किस तरह चलती है यहां की लाइफ…
इस लेक में होती है वर्ल्ड फेमस स्नेक बोट रेस, ऐसे कहलाता है INDIA का वेनिस
 
-वेम्बनाड झील अपने सुरम्य आकर्षक और प्राचीन जल क्षेत्रों द्वारा पर्यटकों को आकर्षित करती है।
-यह केरल की सबसे बड़ी और देश की सबसे लंबी झील है।
-पूरे जिले के पार फैली होने के कारण यह पुन्नामुडा कयाल और कोच्चि झील के नाम से भी जानी जाती है।
-दुनियाभर में यह झील इस पर ओणम के दौरान आयोजित होने वाली वार्षिक नौकादौड़ के लिए प्रसिद्ध है।
-विभिन्न क्षेत्रों की कई नावें इस ऐतिहासिक रेस में भाग लेकर दर्शकों के लिए एक मनमोहक दृश्य प्रदान करती हैं।
पूर्वी भाग प्रवासी पक्षियों का घर
-वेम्बनाड झील दुनिया भर से लाखों पर्यटकों को आकर्षित करती है।
-झील पर स्थित कई हाउसबोट एक चमत्कारी दृश्य प्रदान करते हैं।
-झील का पूर्वी भाग प्रवासी पक्षियों का घर है। कुमारकोम अभयारण्य एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है।
 
किस तरह की होती है स्नेक बोट रेस
-नेहरु ट्रॉफी बोट रेस 1952 से शुरु हुई थी। इसका पहला इवेंट 1954 से शुरु हुआ था जो आज तक जारी है।
-ये रेस पुन्नामुडा कयाल (झील) में 1.4 किमी लंबे पानी के रास्ते में होती है। इसमें 100 से 120 फीट लंबी बोट का उपयोग किया जाता है जो लकड़ी से बनी होती हैं। इसे 90-100 लोग एक साथ चलाते हैं।
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