ऐसे करे तैयारी , वैष्णोदेवी की यात्रा हो या बाबा अमरनाथ के दर्शन

यदि आप गर्मी की छुट्टियों अथवा श्री अमरनाथ की यात्रा करना चाहते हैं तो केवल मन से ही काम नहीं चलेगा। इन यात्राओं को सुगम व यादगार बनाने के लिए आपको अपने तन को भी तैयार करना होगा। डॉक्टरों के अनुसार ऊंचे पर्वतों व अमरनाथ की पवित्र यात्रा करने वालों को भूख में कमी, जी मिचलाना, उल्टी, थकान, कमजोरी, चक्कर आना, हल्का सिर दर्द एवं नींद न आना, दृष्टि क्षीणता, मूत्राशय रोग, शरीर का ठीक से परिचालन न होना, शरीर में किसी एक ओर लकवा मारना, चेतना और मानसिक स्थिति में क्रमिक बदलाव, उंघाई आना, सीने में जकड़न, परिपूर्णता, घबराहट एवं तीव्र गति से सांस लेना एवं हृदय गति में बढ़ोतरी आदि समस्याओं से बचने के लिए एक माह पूर्व से ही 4-5 किलोमीटर तक की यात्रा अवश्य करें। इस बारे में डॉ. विकास गोयल, डॉ. कमल गुप्ता कहते हैं कि श्री अमरनाथ की पवित्र तीर्थ यात्रा के दौरान ऊंची चढ़ाई की वजह से तीर्थ यात्रियों में अधिक ऊंचाई पर जाने और चढ़ाई करने की वजह से कई बीमारियों के लक्षण दिखते हैं। यदि अधिक ऊंचाई पर जाने की वजह से शरीर में होने वाली बीमारियों एवं उनके लक्षणों का समय पर उपचार नहीं किया जाता है तो कुछ ही घंटों में यह घातक एवं खतरनाक साबित हो सकता है।

पहले से यह करें तैयारी
शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनकर यात्रा के लिए खुद को तैयार करे, यात्रा प्रारंभ होने से कम से कम एक माह पूर्व नियमित रूप से सुबह अथवा शाम के समय करीब 4-5 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्यास करें। गहरी सांसें लेने का अभ्यास करें और शरीर में ऑक्सीजन दक्षता में सुधार के लिए प्राणायाम सहित विभिन्न तरह के योग नियमित रूप से करें। यदि आप किसी वर्तमान अथवा पूर्व चिकित्सा संबंधी परेशानी से पीड़ित है तो अधिक ऊंचाई पर यात्रा/चढ़ाई करने से पूर्व अपने चिकित्सक से पूर्ण निरीक्षण कराएं। चढ़ाई करते समय धीरे चलें और खुद को जलवायु के अनुकूल बनाने के लिए बीच-बीच में कुछ समय तक आराम करें। सिर दर्द एवं शरीर में पानी की कमी से निपटने के लिए बहुतायत मात्रा में पेयजल का सेवन करें। प्रतिदिन करीब पांच लीटर तरल पदार्थ का सेवन आपको अनिवार्य रूप से करना है। थकान कम करने को करें प्रयास। तीर्थयात्रा के दौरान पोर्टेबल ऑक्सीजन किट को हमेशा अपने साथ रखें, क्योंकि सांस लेने में दिक्कत होने की स्थिति में यह अत्यधिक फायदेमंद है।
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इन चीजों का रखें ख्याल
तीर्थ यात्रा प्रारंभ होने से कुछ सप्ताह पहले प्राप्त किए गए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के बाद यदि आपकी स्वास्थ्य स्थिति में किसी प्रकार का बदलाव आता है तो तीर्थयात्रा पर जाने से पहले अपने चिकित्सक के परामर्श लें। अधिक ऊंचाई पर जाने से होने वाली बीमारी अथवा किसी अन्य तरह बैचेनी आदि के संकेत मिलने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बचाव के लिए क्या न करे
अधिक ऊंचाई पर जाने से होने वाली बीमारी अथवा बैचेनी आदि के लक्षणों को किसी भी स्थिति में जरअंदाज न करें। शराब, कैफीनयुक्त पेय अथवा धूम्रपान आदि का सेवन न करें। यदि आप अधिक ऊंचाई पर होने वाली बीमारी अथवा बेचैनी महसूस करें तो यात्रा के दौरान आगे न बढ़ें।





