इतने करोड़ में संवरेगी रिस्पना और बिंदाल, ये होंगे काम

750 करोड़ रुपये की लागत की रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) लि. कंपनी करेगी। इस काम को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव व एनबीसीसी के महाप्रबंधक पीसी राव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 
एनबीसीसी न सिर्फ विकास कार्य करेगी, बल्कि उसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी को दी जाएगी। इसकी अवधि 30 वर्ष होगी और आपसी सहमति व कंपनी की प्रगति को देखते हुए इस अवधि को 10 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। रिस्पना नदी की कुल लंबाई 19 किलोमीटर, जबकि बिंदाल नदी की लंबाई 17 किलोमीटर है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद दोनों नदियों के शेष भाग को भी विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार केएस पंवार, एमडीडीए सचिव पीसी दुम्का आदि उपस्थित रहे।इस हिस्से में होगा काम
रिस्पना नदी: धोरण पुल से बाला सुंदरी मंदिर तक 1.2 किलोमीटर भाग।
बिंदाल नदी: हरिद्वार बाईपास रोड के पुल क्षेत्र में 2.5 किलोमीटर का भाग।
पायलट प्रोजेक्ट में ये होंगे काम
हरियाली क्षेत्रों का विकास, सड़कों का निर्माण, साइकल ट्रैक, फुटपाथ, रिटेनिंग वॉल, चेक डैम, वर्षा जल निकासी की व्यवस्था, आवासीय परियोजना, कमर्शियल और मिश्रित परियोजना, पुल निर्माण, मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, थीम पार्क।





