इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में हुआ देह दान

मृत्यु के पश्चात शरीर तो नष्ट हो जाता है लेकिन यदि उस शरीर के अंगों का दान कर दिया जाए जो किसी अन्य व्यक्ति के शरीर में प्रत्यारोपित हो सके तो इससे हम देश की सेवा और बेहतर तरीके से कर सकते हैं। साथ ही साथ अंगदान से योग्य चिकित्सक भी तैयार कर सकते हैं। इसलिए अंग दान करना श्रेष्ठ दान है। इस श्रेष्ठ दान और समाज के प्रति अपना योगदान देते हुए श्रीमती सुखदा गोडबोले ने अपनी माँ स्व: श्रीमती मालती अभ्यंकर की अंतिम इच्छा अनुसार उनकी मूल देह 1 अक्टूबर 2018 को इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में दान की। स्व: श्रीमती मालती अभ्यंकर की उम्र 75 वर्ष थी। आज से दो वर्ष पूर्व श्रीमती सुखदा गोडबोले ने अपने पिता स्व: प्रभा शंकर अभ्यंकर का भी देह दान इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में किया था।
इंडेक्स कॉलेज प्रबंधन ने इस श्रेष्ठ कार्य की प्रशंसा करते हुए मृत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि दी व परिवार को आश्वासन भी दिया। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के वाईस चैयरमेन, श्री मयंक राज सिंह भदौरिया ने भी उक्त कार्य की प्रशंसा कर परिवार को प्रशंसा पत्र भेंट किया एवं परिवार के उज्वल भविष्य की कामना की।
स्व: श्रीमती मालती अभ्यंकर की मूल देह उनकी बेटी श्रीमती सुखदा गोडबोले ने इंडेक्स हॉस्पिटल के देह दान अधिकारी श्री राज गोयल व विभाग अध्यक्ष डॉ. पाल को सौंपी। श्री राज गोयल ने देह दान की सभी कार्यवाही कर इंडेक्स हॉस्पिटल में देह दान की प्रक्रिया करवाई।

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