इंडियन वेटलिफ्टिंग महासंघ का बड़ा निर्णय, चीनी उपकरणों के इस्तेमाल पर लगाई रोक

नयी दिल्ली. पूर्वी
लद्दाख में हिंसक झड़प में 20 सैनिकों के शहीद होने के एक सप्ताह बाद चीन
से आने वाले उपकरणों को खराब बताते हुए भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने सोमवार
22 जून को चीनी खेल उपकरणों के बहिष्कार की मांग की. महासंघ ने चीनी कंपनी
जेडकेसी से पिछले साल चार भारोत्तोलन सेट मंगवाये थे. महासंघ ने कहा कि
उपकरण खराब निकले और भारोत्तोलक उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. 

महासंघ के
महासचिव सहदेव यादव ने कहा, हमें चीनी उपकरणों का बहिष्कार करना चाहिये.
भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने फैसला लिया है कि हम चीन में बने किसी उपकरण
का इस्तेमाल नहीं करेंगे. 

साइ को पत्र लिखकर दी जानकारी

महासंघ ने
भारतीय खेल प्राधिकरण को लिखे पत्र में इसकी सूचना दे दी है. यादव ने कहा,
हमने साइ को पत्र लिखकर बता दिया है कि हम चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं
करेंगे. उन्होंने कहा, भविष्य में भी हम चीनी सेटों का इस्तेमाल नहीं
करेंगे. हम भारतीय या अन्य कंपनियों के सेटों का प्रयोग करेंगे, लेकिन चीन
के नहीं. कोई और विकल्प नहीं होने की वजह से मंगवाये थे उपकरणराष्ट्रीय कोच
विजय शर्मा ने बताया कि ये सेट खराब निकले. उन्होंने कहा, कोरोना वायरस
लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद भारोत्तोलकों ने इनका प्रयोग शुरू किया,
लेकिन ये खराब निकले. हम इनका इस्तेमाल नहीं कर सकते. उन्होंने कहा, शिविर
में शामिल सभी भारोत्तोलक चीन के खिलाफ हैं. उन्होंने टिकटॉक जैसे चीनी एप
का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है. आनलाइन सामान खरीदते समय भी देख रहे हैं कि
कहीं वह चीनी तो नहीं है. यह पूछने पर कि ये सेट आर्डर ही क्यों किये गए
थे, शर्मा ने कहा कि कोई और विकल्प नहीं था, क्योंकि तोक्यो ओलंपिक में
चीनी उपकरण ही इस्तेमाल किये जायेंगे. 

भारतीय सेटों का कर रहे हैं इस्तेमाल

उन्होंने कहा
कि चीन से पहली बार उपकरण खरीदे गए थे. भारतीय टीम फिलहाल स्वीडन में बने
उपकरणों के साथ अभ्यास कर रही है. यादव ने कहा कि चीनी उपकरणों के विकल्प
मौजूद है. उन्होंने कहा,हमारे पास कई विकल्प हैं. हम अच्छे भारतीय सेटों का
इस्तेमाल कर रहे हैं. स्वीडन से भी उपकरण मंगवाये हैं जिनका इस्तेमाल किया
जायेगा. 

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