इंडिगो खरीदेगी 50 छोटे विमान, छोटे-छोटे शहरों के बीच शुरु करेगी सेवा

नई दिल्लीः देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी, इंडिगो अब छोटे विमान खरीदेगी. कंपनी ने एटीआर किस्म के 50 विमान खरीदने का प्रस्ताव किया है. एटीआर विमान फ्रांस की कंपनी एयरबस की सब्सिडियरी एवियांस द ट्रांसपोर्ट रीजनल जीआईई बनाती है.
कंपनी के निदेशक बोर्ड की बैठक के बाद ऐलान किया गया कि एटीआर 72-600 किस्म के 50 विमानों के लिए ‘टर्मशीट’ पर हस्ताक्षर गिए हैं. विमान की संख्या बाद में बढ़ भी सकती है. इस तरह की पहल का मतलब ये हुआ कि कंपनी देखेगी कि कब तक विमानों की डिलीवरी हो सकती है और फिर उसके बाद अंतिम खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. कंपनी का कहना है कि वो 2017 के अंत तक उसने एटीआर के जरिए उड़ान सेवा शुरु करने का लक्ष्य रखा है. उसकी योजना अगले साल मार्च तक 7 और दिसम्बर तक 20 छोटे विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने की है.
कंपनी के प्रेसिडेंट आदित्य घोष कह रहे हैं, “प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी की उड़ान योजना के तहत हम देशव्यापी स्तर पर क्षेत्रीय सेवाओ का नेटवर्क शुरु करने जा रहे है. इससे उन शहरों के बीच हवाई सेवा शुरु होगी जिन्हें अभी तक तेजी से बढ़ते भारतीय विमानन बाजार का अभी तक फायदा नहीं मिल पाया है.”
एटीआर किस्म के विमानों से छोटे-छोटे शहरों के बीच उड़ान शुरु करना मुमकिन हो सकेगा. हाल ही में सरकार ने क्षेत्रीय सेवाएं उड़ान यानी उड़े देश का हर नागरिक शुरु किया है. इसमें एक घंटे की उड़ान का टिकट ज्यादा से ज्यादा 2500 रुपये का होता है. हालांकि एक उड़ान में कुल उपलब्ध सीटों की आधी ही इस दर पर मुहैया करायी जाएगी जबकि बाकी आधी के लिए एयरलाइंस बाजार कीमत वसूलने के लिए स्वतंत्र है. 2500 रुपये की सीमा में मुहैया करायी गयी सीट के लिए एयरलाइंस को सब्सिडी दी जा रही है. सरकार जल्द ही उड़ान के अगले चरण के लिए बोली मंगवाने वाली है और उम्मीद है कि इंडिगो इसमें भाग लेगी.
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घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी है. इस समय इसके बेड़े में 131 विमान है और सभी एयरबस ए 320 किस्म के है. हाल ही में कंपनी ने एक दिन में 896 उड़ानें मुहैया करायी. कंपनी 44 शहरों को हवाई रास्ते से जोड़ती है जिसमें से 6 विदेशों में हैं. ध्यान रहे कि इंडिगो ने पहली बार 2005 में 100 विमानो का ऑडर्र देकर सबको हैरान कर दिया था. 2011 में से इसने 180 और 2015 में 250 विमानों का ऑडर्र दिया.
वित्तीय नतीजे
कंपनी ने ये जानकारी भी दी है कि 31 मार्च 2017 को खत्म हुए कारोबारी साल 2016-17 में 18,580 करोड़ रुपये की आमदनी हुई जबकि मुनाफा 1659.18 करोड़ रुपये का रहा. हालांकि कंपनी का मुनाफा बीते कारोबारी साल के मुकाबले घट गया है, फिर भी कंपनी ने अपने 10 रुपये के अंकित मूल्य वाले हर शेयर पर 34 रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है.





