आपको जब नेटवर्क सताए तो कौन बचाए…

नेटवर्क की समस्या कुछ ऐसी है जिससे हर मोबाइल ग्राहक वाकिफ है। सबसे बडी बात ये है कि आप कभी ये जान या बता नहीं सकते कि कब आपके मोबाइल का नेटवर्क गायब हो जाए। जाहिर है ऐसे में कई बार कुछ ज़रूरी काम अटक जाते हैं और कई बार कुछ ऐसी गडबडियां होती हैं जो शर्मिंदगी और हंसी का कारण बनती हैं। आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसी ही नेटवर्क प्रॉब्लम वाले रियल लाइफ किस्से, जिन्हें पढकर आपको हंसी भी आएगी और आप कहेंगे – शुक्र है ऐसा मेरे साथ नहीं हुआ।

1. जब महंगा पड़ जाए खराब नेटवर्क
खराब नेटवर्क में कई बार सामने वाले की आवाज़ ठीक ढंग से सुनाई नहीं पड़ती। सावधान रहें। इस चक्कर में आपको लंबी चपत लग सकती है! राहुल की तरह। एक बार राहुल दफ्तर में अपने किसी काम में व्यस्त थे। तभी उनकी पत्नी का फोन आया कि वो शॉपिंग जा रही हैं। पत्नी ने अपनी शॉपिंग लिस्ट गिनानी शुरू की, खराब नेटवर्क की वजह से राहुल ठीक से सुन नहीं पाए और उन्होंने कह दिया ठीक है। शाम को जब राहुल ने घर पहुंचकर ज्वेलरी, डिजाइनर वॉच, डिजाइनर साडी वगैरह पर हुए लाखों के खर्च का बिल देखा तो सिर पकड कर बैठ गये ! बेचारे कहते भी तो क्या – बीवी का मामला। नेटवर्क धोखा न देता तो शायद इतनी बडी चपत न लगती।
2- नेटवर्क ने बिगाड़ी जोड़ी
अजय को अपने फोन में म्यूजिक ऐप पर गाने सुनना बेहद पसंद है। एक दिन अजय ने अपनी गर्लफ्रैंड के बर्थडे पर उसे प्रपोज करने की प्लानिंग की उसके मनपसंद गाने के साथ। अजय लाल गुलाबों का बूके लेकर पहुंचे। अपने फोन पर गर्लफ्रैंड का फेवरेट रोमांटिक सॉन्ग प्ले किया। और जैसे ही वो उसे प्रपोज करने चला, इंटरनेट डाउन! दोबारा गाना प्ले किया लेकिन वही गड़बड़..सारे मूड और सीन का कबाडा हो गया और ग्रलफ्रैंड रूठी सो अलग.. बेचारा अजय.. काश उस दिन नेटवर्क गडबड न होता तो उसे यूं शर्मिंदा न होना पड़ता।
3. जब रेलवे स्टेशन पर हुआ नेटवर्क गायब !
शादी के बाद देवेश पहली बार अपने सास- ससुर को स्टेशन लेने गए। रास्ते में ट्रैफिक में अटक गये। जब तक स्टेशन पहुंचे, ट्रेन आ चुकी थी। सोचा फोन मिलाकर उनसे पूछें कहां हैं। हाय रे फूटी किस्मत- नेटवर्क ने इसी समय धोखा दे दिया। बहुत कोशिश के बावजूद ससुरजी की कॉल नहीं मिली। काफी देर हो गई। स्टेशन पर भी वो दोनों नहीं दिखे। थक-हार कर देवेश दो घंटे बाद घर पहुंचे तो देखा सास- ससुर तो घर पर बैठे हैं! पत्नी का नाराज चेहरा और सास ससुर की शिकायती आंखों में सारी कहानी साफ थी। बेचारा शर्म से पसीना-पसीना हो गया। आखिर कहता भी तो क्या…
4 जब दोस्तों के सामने हुई फजीहत !
अनिकेत अपने बर्थडे पर दोस्तों के साथ एक अच्छे रेस्टोरेंट में डिनर के लिए गया। खूब खाया-पीया। मस्ती की। अनिकेत ने ई-वॉलेट से बिल पेमेंट करना चाहा, लेकिन डाइनिंग एरिया में कमजोर नेटवर्क के चलते कई कोशिशों के बावजूद पेमेंट नहीं हो पाया! कैश या कार्ड वो लाया नहीं था। बेचारा अनिकेत शर्मिंदगी के मारे कुछ कह भी नहीं पा रहा था। दोस्तों ने मिलकर रेस्टोरेंट का बिल चुकता किया। अगर मोबाइल इंटरनेट सही काम करता तो ये दिन न देखना पडता।
5 पेट्रोल लो मगर नेटवर्क देखकर
अनिकेत तो लकी रहे कि उनके साथ उनके दोस्त थे, लेकिन शर्माजी एक बार इस चक्कर में बडे बुरे फंस गए.. हुआ यूं कि वो अपनी फैमिली के साथ वीकेंड आउटिंग के लिए अपनी कार से आउट ऑफ टाउन गए.. रास्ते में पेट्रोल भराने के लिए रुके। टंकी फुल करवा ली.. मोबाइल से पेमेंट करने चले.. लेकिन पेमेंट प्रोसेस हो पाती इससे पहले ही नेटवर्क दे गया धोखा! अब शर्माजी को पंप पर ही रुका लिया गया… कुछ सूझ नहीं रहा था.. पत्नी और बच्चे गुस्से में लाल।।शर्माजी का बुरा हाल.. देर बाद याद आया कि पास में डेबिट कार्ड था.. किसी तरह पेट्रोल के पैसे चुका कर शर्माजी आगे बढ पाए…
6- ई-वॉलेट में पैसा फुल मगर नेटवर्क गुल
राजेश कैश रखना पसंद नहीं करते। ई-वॉलेट से छोटे से छोटे खर्चों की सुविधा ने उनका काम आसान कर दिया है। एक बार वो सब्जी खरीदने गए लेकिन जब ई-वॉलेट से पेमेंट करने चले तो देखा नेटवर्क नहीं आ रहा। इंटरनेट डाउन है। बडी देर कोशिश की मगर बात नहीं बनी। अब सब्जी वाला उनका मुंह देखे और वो सब्जीवाले का। जेब में कैश था नहीं। बेचारे करते भी क्या, शर्मिंदगी में सारी सब्जी छोडी और खाली हाथ घर आ गए। घर पर मिसेज के ताने सुनने को मिले सो अलग…
7- नैविगेशन – ये कहां आ गए हम..
देवना को एक बार जरूरी मीटिंग के लिए ऐसे इलाके में जाना था जो उनके लिए नया था। वो अपनी कार में बैठीं और नैविगेशन ऑन कर लिया। कुछ देर तक तो सब ठीक रहा। मीटिंग की जगह पहुंचने के लिए उन्हें रास्ते में एक जगह मुडना था। लेकिन ऐन पहले उनका नैविगेशन, नेटवर्क की दिक्कत के चलते गडबड हो गया और वो गलत जगह मोड लेकर दूर निकल गईं। पता चलने पर किसी तरह लोगों से पूछकर वो मीटिंग में पहुंची लेकिन तब तक आधी मीटिंग खत्म हो गई थी।
8- जब वीकेंड मूवी का प्लान हुआ फ्लॉप…
एक वीकेंड के लिए मिस्टर गोडबोले एंड फैमिली ने मूवी देखने का प्लान बनाया। टिकट ऑनलाइन बुक होनी थी। पत्नी और बच्चे घर से मल्टीप्लेक्स पहुंच गए और मिस्टर गोडबोले को ऑफिस से सीधे वहीं पहुंचना था। लेकिन ये क्या! मिस्टर गोडबोले बडी कोशिशों के बावजूद स्लो डेटा प्लान के चलते ऑनलाइन टिकट बुक नहीं करवा पाए! और जब तक मल्टीप्लेक्स पहुंचे, शो फुल हो चुका था। स्लो डेटा ने सारे प्लान की हवा निकाल दी।





