आपके खाते से पूरी रक़म निकाल सकते हैं साइबर क्रिमनल

नई दिल्ली. बैंकों में अपनी मेहनत से कमाया धन जमा कर लोग उसकी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त हो जाते हैं लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ सालों में बैंकों पर साइबर हमले बढ़े हैं वह हर किसी की चिंता बढ़ा देने वाला है.आपके खाते से पूरी रक़म निकाल सकते हैं साइबर क्रिमनल

भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस सन्दर्भ में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें यह बताया गया है कि पिछले तीन साल में देश के 7 सूबों में बैंकों पर 18,426 साइबर हमले हुए हैं. इन हमलों में महाराष्ट्र पहले और यूपी दूसरे नम्बर पर है.

जिस दौर में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी देश को कैशलेस बनाने की कोशिश में लगे हैं वहीं बैंकों में जमा किया गया धन किसकी जेब में चला जाएगा इसकी कोई गारंटी नहीं है. भारतीय रिज़र्व बैंक की यह रिपोर्ट डराने वाली रिपोर्ट भी कही जा सकती है क्योंकि तीन सालों में साइबर हमले लगातार बढ़े हैं.

2013 में बैंकों पर जहाँ 3224 साइबर अटैक हुए थे वहीं 2014 में साइबर हमलों की संख्या दुगने से भी ज्यादा हो गई. 2014 में 6697 साइबर हमले हुए. 2015 में 8505 साइबर हमलों की जानकारी रिजर्व बैंक ने दी है. साइबर हमलों के मामले में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश साथ-साथ कदमताल करते नज़र अ रहे हैं.

पिछले तीन सालों में महाराष्ट्र में जहाँ 4981 साइबर हमले हुए वहीं उत्तर प्रदेश में 4627 साइबर हमले हुए. साइबर हमले की यह वह संख्या है जिसकी शिकायतें बैंक के पास पहुँची हैं. साइबर हमलों के मद्देनज़र हालांकि पुलिस भी सक्रिय हुई है. पुलिस ने बाकायदा साइबर सेल खोल लिया है.

आये दिन साइबर अपराधियों को पकड़ती रहती है. लेकिन आम आदमी के जागरूक नहीं रहने से साइबर अपराधों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. आम आदमी एक फोन काल पर अपने खाते, क्रेडिट कार्ड और पासवर्ड तक की जानकारी दे देता है. नतीजा यह होता है कि वह लुट जाता है तब उसे पता चलता है.

Back to top button