आज मौनी अमावस्या के दिन किसी भी समय तुलसी के पास जाकर चुपचाप बोल दे ये 2 शब्द, आपके मांगने से पहले हर मनोकामना होगी पूरी

मौनी अमावस्या का हिन्दू धर्म में बेहद खास महत्व है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को ही मौनी अमावस्या कहते है। इस वर्ष माघ महीने की मौनी अमावस्या 4 फरवरी, 2019 को है। चूंकि उस दिन सोमवार है लिहाज़ा ये सोमवती अमावस्या कहलाएगी। इस दिन मौन रहकर स्नान किया जाता है.बता दें, मुनि शब्द से ही ‘मौनी’ शब्द की उत्पत्ति हुई है। इसीलिए इस व्रत को मौन धारण करके समापन करने वाले को मुनि पद की प्राप्ति होती है। इस दिन मौन रहकर यमुना या गंगा में स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन मौन रहना चाहिए। मुनि शब्द से ही मौनी की उत्पत्ति हुई है। इसलिए इस व्रत को मौन धारण करके समापन करने वाले को मुनि पद की प्राप्ति होती है। इस दिन मौन रहकर प्रयाग संगम अथवा पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए|

 

शास्त्रों में कहा गया है की होंठों से ईश्वर का जाप करने से जितना पुण्य मिलता है उससे कई गुना अधिक पुण्य मन में हरी का नाम लेने से मिलता है। क्योंकि इस व्रत को करने वाले को पुरे दिन मौन व्रत का पालन करना होता है इसीलिए यह योग पर आधारित व्रत भी कहलाता है। मौनी अमावस्या के दिन संतों और महात्माओं की तरह चुप रहना उत्तम माना जाता है। अगर चुप नहीं रह सकते को इस दिन मुख से कोई कटु शब्द नहीं निकालने चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान् शिव दोनों की ही पूजा का विधान है।इस अमावस्या के दिन कई तरह के प्रयोग, टोटके भी किए जाते हैं जिनसे जीवन की विभिन्न समस्याओं का समाधान होता है।आइए जानते हैं मौनी अमावस्या के दिन किस परेशानी के लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए।

सूर्य को अर्घ्य :

मौनी अमावस्या के दिन सूर्य को अर्घ्य देने का बड़ा महत्व है। इस दिन सूर्य नारायण को जल देने से गरीबी और दरिद्रता दूर होती है और धन का आगमन बढ़ता है।

 

घी का दीपक :

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मौनी अमावस्या के दिन सायं के समय तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक लगाएं और 108 परिक्रमा करें। इससे जीवन में सात्विकता आने के साथ ही समस्त प्रकार के संकटों का नाश होता है।

महामृत्युंजय मंत्र :

मौनी अमावस्या के दिन 1008 महामृत्युंजय मंत्र के जाप करते हुए भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होने के साथ आर्थिक संकटों का समाधान होता है। अविवाहितों के विवाह मार्ग प्रशस्त होता है।

अपंगों और अशक्तों को भोजन :

इस अमावस्या के दिन राहु, केतु और शनि की शांति के उपाय भी किए जाते हैं। इसके लिए शनि मंदिर के बाहर बैठे भिखारियों, अपंगों, अशक्तों और गरीबों को वस्त्र, भोजन भेंट करें। इससे दूषित ग्रहों की शांति होती है।

तर्पण, पिंडदान :

यदि आपकी जन्मकुंडली में कालसर्प दोष बना हुआ है या पितृ दोष है तो किसी पवित्र नदी के किनारे योग्य पंडित से पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान करवाएं। दोष शांत होंगे।

 

दीपक में केसर :

मौनी अमावस्या के दिन शाम को घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का प्रयोग करें। संभव हो तो दीपक में केसर की एक-दो पत्तियां डाल दें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और घर में धन का आगमन बढ़ता है।

सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग –

इस बार मौनी अमावस्या सोमवार को आ रही है इसलिए सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग भी बन रहा है। इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करने से अविवाहितों के विवाह की बाधा दूर होती है।

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