आज बसंत पंचमी के दिन करें ये महाउपाय, मां सरस्वती होंगी अति प्रसन्न होगी अथाह धन वर्षा…

माघ शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की उपासना की जाती है. इसी उपासना के महापर्व को बसंत पंचमी कहते हैं. वर्ष के कुछ विशेष शुभ काल में से एक होने के कारण इसको अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है. इस में विवाह और निर्माण तथा अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं. ऋतुओं के इस संधि काल में ज्ञान और विज्ञान दोनों का वरदान प्राप्त किया जा सकता है. इसके अलावा संगीत कला और आध्यात्म का आशीर्वाद भी इस काल में लिया जा सकता है. अगर कुंडली में विद्या बुद्धि का योग नहीं है या शिक्षा की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसको ठीक किया जा सकता है.

कैसे करें मां सरस्वती की उपासना और किन बातों का ख्याल रखें-

इस दिन पीले, बसंती या सफ़ेद वस्त्र धारण करें.  

पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा की शुरुआत करें.   

मां सरस्वती को पीला वस्त्र बिछाकर उस पर स्थापित करें और रोली मौली, केसर, हल्दी, चावल, पीले फूल, पीली मिठाई, मिश्री, दही, हलवा आदि प्रसाद के रूप में उनके पास रखें.

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मां सरस्वती को श्वेत चंदन और पीले तथा सफ़ेद पुष्प दाएं हाथ से अर्पण करें.

केसर मिश्रित खीर अर्पित करना सर्वोत्तम होगा.

मां सरस्वती के मूल मंत्र ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः का जाप हल्दी की माला से करना सर्वोत्तम होगा.

काले, नीले कपड़ों का प्रयोग पूजन में भूलकर भी ना करें.

किन ग्रहों को मजबूत करने के लिए पूजा उपासना करें-

कुंडली में अगर बुध कमजोर हो तो बुद्धि कमजोर हो जाती है. विद्या में मन नहीं लग पाता है और प्रतिस्पर्धा में भी सफल नहीं हो पाते हैं. ऐसी दशा में अगर आज के दिन मां सरस्वती की उपासना हरे फल अर्पण करके करें तो लाभदायक होगा और ऐं मन्त्र कम से कम 108 बार जपें.  

– बृहस्पति के कमजोर होने पर विद्या प्राप्ति में बाधा के साथ-साथ विवाह और दाम्पत्य जीवन मे भी मुश्किलें आने लगती हैं. ऐसे में आज के दिन पीले वस्त्र धारण करके पीले पुष्प और पीले फलों से मां की उपासना करें.  

– अगर शुक्र कमजोर हो तो मन की चंचलता बढ़ जाती है और करियर का चुनाव भी नहीं हो पाता है. ऐसी दशा में आज के दिन मां की उपासना सफ़ेद फूलों से करना लाभदायक होता है.

मां सरस्वती को कैसे प्रसन्न करें-

जिन लोगों को एकाग्रता की समस्या हो, आज से नित्य प्रातः सरस्वती वंदना का पाठ जरूर करें.

मां सरस्वती के चित्र की स्थापना करें और इसकी स्थापना पढ़ने के स्थान पर करना श्रेष्ठ होगा.

मां सरस्वती का बीज मंत्र (ऐं) को केसर गंगाजल से लिखकर दीवार पर लगा सकते हैं.

जिन लोगों को सुनने या बोलने की समस्या है वो लोग सोने या पीतल के चौकोर टुकड़े पर मां सरस्वती के बीज मंत्र “ऐं” को लिखकर धारण कर सकते हैं.

अगर संगीत या वाणी से लाभ लेना है तो केसर अभिमंत्रित करके जीभ पर “ऐं” लिखवाएं. किसी धार्मिक व्यक्ति या माता से लिखवाना अच्छा होगा.

बसंत पंचमी के दिन करें महाउपाय-

गाय के दूध में केसर मिलाकर खीर बनाएं.

खीर का भोग मां सरस्वती को सुबह और शाम के समय लगाएं.

कुछ जरूरतमंद बच्चों के लिए पेन पेंसिल मां सरस्वती  के चरणों में रखें.

अब खीर के भोग के साथ-साथ यह पेन पेंसिल जरूरतमंद बच्चों को बांटें.

ऐसा करने से मां सरस्वती की कृपा मिलेगी और आपके घर के बच्चों का पढ़ाई में मन भी लगेगा.

यदि शत्रु परेशान कर रहे हैं तो क्या करें-

यदि अकारण ही कुछ लोग कहां पर शत्रु बन जाए तो पूर्व की दिशा की तरफ मुंह करके पीले आसन पर बैठकर गाय के घी का दिया जलाएं और नील सरस्वती स्तोत्र का पाठ करें. ऐसा करने से आपके शत्रु और विरोधी शांत होंगे.

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