आईएस से ही जुड़े थे उज्जैन ट्रेन ब्लास्ट के आतंकियों के तार

भोपाल.भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट केस के तार कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े थे। लखनऊ में एनआईए ने जिस आतंकी सैफ उल्ला का एनकाउंटर किया, वह ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था। यह खुलासे अदालत में पेश चालान में हैं।

एनआईए की एसपी संजुक्ता पारासोर ने मंगलवार को चालान पेश किया। एनआईए ने इस मामले में 166 गवाहों की सूची के साथ 195 महत्वपूर्ण दस्तावेज बतौर सबूत पेश किए हैं। एनआईए की जांच में इस वारदात में आतंकी आतिफ मुज्जफर, मोहम्मद दानिश, सैयद मीर हुसैन, गोस मोहम्म्द खान और सैफ उल्ला शामिल थे।
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ये सभी आतंकी प्रतिबंधित आईएसआईएस संगठन से जुड़े बताए गए हैं। सैफ उल्ला को भी इसमें आरोपी बनाया गया है। ट्रेन ब्लास्ट 7 मार्च 2017 को भोपाल-उज्जैन के बीच कालापीपल के पास हुआ था। तीन आरोपी पिपरिया के पास एक टोल नाके पर बस से गिरफ्तार किए गए थे। यह कार्रवाई एटीएस की साझा कार्रवाई थी। यूपी एटीएस ने तब यह नहीं माना था कि ये आईएसआईएस से संबद्ध हैं। ये तीनों भोपाल जेल में थे। इन्हें बाद में दिल्ली ले जाया गया। सेफुल्ला मारा जा चुका है। गौस मोहम्मद को एक दूसरी आतंकी घटना में एनआईए पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
जब्त सबूतों से खुलासा, ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई सामग्री जीवन-संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी थी
ट्रेन ब्लास्ट केस में फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट बताती है कि ब्लास्ट के लिए ब्लैक गन पाउडर, पोटेशियम क्लोरेट और एल्युमीनियम पाउडर इस्तेमाल किया गया। आईईडी में इस्तेमाल पाइप बम में टाइमर, बैटरी और वायर था। 17 मई 2017 को एसएफएसएल सागर की ओर से घटना स्थल से जब्त सबूतों की जांच से पता चला कि यह ब्लास्ट जीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी था। आतिफ मुज्जफर की तलाशी में मोबाइल फोन नंबर 91150598725308 मिला था। इसे जांच के लिए सीईआरटी को भेजा गया था। डिजिटल साक्ष्य की वसूली के लिए नई दिल्ली डिजीटल डेटा रिकवर करने के बाद की रिपोर्ट को कैमरे से स्कैन किया गया था। एक्सपर्ट ओपिनयन भी चालान के साथ पेश की गई। विशेष न्यायाधीश गिरीश दीक्षित के अवकाश पर होने से चालान न्यायाधीश अजय सिंह ठाकुर की अदालत में पेश किया गया। संजुक्ता पारोसर आसाम कैडर की पहली महिला आईपीएस हैं।
ब्लास्ट के मास्टर मांइड थे सैफुल्ला और गौस माेहम्मद खान
एनआईए का कहना है कि कुख्यात आंतकी गौस मोहम्मद खान पुत्र मोहम्मद खान प्रतिबंधित आईएसआईएस से जुड़ा हुआ है। उसे आंतकी गतिविधियों में शामिल होने से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, इसलिए उज्जैन ब्लास्ट मामले में उसकी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है। जांच में सामने आया कि आंतकी सेफुल्ला और गौस माेहम्मद उज्जैन ब्लास्ट मामले के मास्टर मांइड थे। एनआईए ने चालान में सभी आंतकियों के बारे में सिलसिलेबार खुलासे किए हैं। ट्रेन ब्लास्ट मामले में आईएसआईएस से जुड़े आतंकियों की भागीदारी सामने आने के बाद मामला जांच के लिए एनआईए को सौंप दिया गया। आंतकियों से जब्त मोबाइल फोन को जांच के लिए दिल्ली भेजे गए थे।
आतिफ मुज्जफर
देवबंदी परिवार में पैदा हुए आतिफ ने पिता की मौत के बाद सत्य संदेश फाउडेशन द्वारा चलाए जा रहें कुरान केंद्र जाना शुरू किया। उमरा करने सऊदी अरब गया था। आईएसआईएस में आकर जिहाद के रास्ते पर बढ़ा।
देवबंदी परिवार में पैदा हुए आतिफ ने पिता की मौत के बाद सत्य संदेश फाउडेशन द्वारा चलाए जा रहें कुरान केंद्र जाना शुरू किया। उमरा करने सऊदी अरब गया था। आईएसआईएस में आकर जिहाद के रास्ते पर बढ़ा।
मोहम्मद दानिश
ऑनलाइन आतंकियों ने बम बनाने की ट्रेनिंग ली। आतंकियों द्वारा तैयार बमों को सुरक्षित जगह पर रखा और यह जानकारी आतंकी साथियों को भेजी जिससे दहशत फैलाने में इन बमों का इस्तेमाल हो सके।
ऑनलाइन आतंकियों ने बम बनाने की ट्रेनिंग ली। आतंकियों द्वारा तैयार बमों को सुरक्षित जगह पर रखा और यह जानकारी आतंकी साथियों को भेजी जिससे दहशत फैलाने में इन बमों का इस्तेमाल हो सके।
सैय्यद मीर हुसैन
देश की संप्रभुता व सुरक्षा काे नुकसान पहुंचाने के लिए आईएसआईएस आतंकियों से संपर्क में रहा। मोबाइल की सीडीआर से इसका खुलासा हुआ। आतंकियों के लिए हथियार खरीदने के लिए रुपए जमा किए।
देश की संप्रभुता व सुरक्षा काे नुकसान पहुंचाने के लिए आईएसआईएस आतंकियों से संपर्क में रहा। मोबाइल की सीडीआर से इसका खुलासा हुआ। आतंकियों के लिए हथियार खरीदने के लिए रुपए जमा किए।
गोस मोहम्मद खान
पंजाब में जन्मा गोस मोहम्मद ने भारतीय वायु सेना में काम किया। इस्लाम के देवबंदी से प्रभावित होकर उसने आईएसआईएस के नेटवर्क के जरिए इस्लामी राज्य की स्थापना के लिए जेहाद का रास्ता अपनाया।
पंजाब में जन्मा गोस मोहम्मद ने भारतीय वायु सेना में काम किया। इस्लाम के देवबंदी से प्रभावित होकर उसने आईएसआईएस के नेटवर्क के जरिए इस्लामी राज्य की स्थापना के लिए जेहाद का रास्ता अपनाया।
क्या था मामला…
7 मार्च को प्रदेश में आईएसआईएस ने हमला किया था। हमला भोपाल से 70 किमी दूर कालापीपल मलैबोरेटरी जबड़ी स्टेशन के पास सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर भोपाल-उज्जैन पैसेंजर (59320) ट्रेन में हुआ था। इस ब्लास्ट में 10 लोग जख्मी हुए थे। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि जनरल कोच में छेद हो गए थे। हमले के कुछ ही घंटों बाद पिपरिया पुलिस ने एक बस को टोल नाके पर रोककर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।
7 मार्च को प्रदेश में आईएसआईएस ने हमला किया था। हमला भोपाल से 70 किमी दूर कालापीपल मलैबोरेटरी जबड़ी स्टेशन के पास सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर भोपाल-उज्जैन पैसेंजर (59320) ट्रेन में हुआ था। इस ब्लास्ट में 10 लोग जख्मी हुए थे। ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि जनरल कोच में छेद हो गए थे। हमले के कुछ ही घंटों बाद पिपरिया पुलिस ने एक बस को टोल नाके पर रोककर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।





