अर्पित होटल में लगी भीषण आग में 17 प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस ने की चार्जशीट

12 फरवरी 2019 को दिल्ली के करोल बाग के अर्पित होटल में लगी भीषण आग में 17 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. भीषण अग्निकांड के बाद जांच का सिलसिला भी शुरू हो गया था. एक ओर दिल्ली पुलिस अपनी जांच कर रही थी तो दूसरी ओर दिल्ली नगर निगम के विजिलेंस विभाग ने भी अफसरों की लापरवाही पर जांच शुरू कर दी थी. अब दिल्ली नगर निगम से यह जानकारी सामने आई है कि तकरीबन 90 लोगों के खिलाफ विजिलेंस जांच में 17 प्रमुख अधिकारियों की सीधी लापरवाही पाई गई है. ऐसे में अब इनके खिलाफ विजिलेंस ने चार्जशीट दायर कर दी है.

इनमें से 10 अधिकारी हेल्थ विभाग और 7 अधिकारी इंजीनियरिंग विभाग के हैं. आरोप है कि इन सभी ने होटल को अवैध निर्माण के लिए बुक किए जाने के बाद भी हेल्थ ट्रेड लाइसेंस जारी कर दिया था इतना ही नहीं हर साल होटल का लाइसेंस भी रिन्यू होता था.

जबकि इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों पर आरोप है कि अवैध निर्माण के बारे में जानकारी होने के बावजूद तोड़फोड़ करने की केवल दिखावे की कार्यवाही की गई और हर बार कार्रवाई के बाद दोबारा से अवैध निर्माण होता रहा. दरअसल यह पूरी जांच अर्पित होटल के 25 सालों के दौरान की है. ऐसे में कई अधिकारी ऐसे हैं जो अब अपने पद से रिटायर हो चुके हैं.

उत्तरी दिल्ली नगर निगम में नेता विपक्ष सुरजीत कुमार कहते हैं कि निगम की कार्यवाही कहीं खानापूर्ति बंद करना रह जाए. साथ ही उनका कहना है कि सुजीत कहते हैं कि अगर निष्पक्ष जांच होगी तो एमसीडी में भ्रष्टाचार में जबरदस्त कमी नजर आएगी. वहीं दूसरी ओर नॉर्थ एमसीडी की कमिश्नर वर्षा जोशी ने ट्वीट करके कहा कि यह तो बस शुरुआत है आगे और कार्यवाही होगी.

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