अरविन्द केजरीवाल की अब मुश्किलें बढ़ी, दिल्ली के बाद यहां से भी उठी गिरफ्तारी की मांग

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आम आदमी पार्टी नेता कपिल मिश्रा की ओर से अरविंद केजरीवाल पर लगाए दो करोड़ रुपये लेने के आरोपों के बाद केजरीवाल की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की है। साथ पंजाब इकाई से भी इस मामले में स्टैंड स्पष्ट करने को कहा है।

बिक्रम मजीठिया ने कहा कि यह रिश्वत कांड केजरीवाल का असली चेहरा दिखाने वाला है। आप पर लंबे समय से भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे, लेकिन अब ऐसा व्यक्ति सामने आया है जो दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री था। उसने दावा किया कि अपने एक दागी साथी द्वारा केजरीवाल को दो करोड़ रुपये देते उसने अपनी आंखों से देखा है। यह सब जानते हैं कि आप भ्रष्टाचार और अनैतिकता के दलदल में डूबी हुई है। केजरीवाल अब शक के घेरे में आ गए हैं तो वह क्या करेंगे। लोग उम्मीद करते हैं कि वह कपिल मिश्रा को झूठा साबित करने के बजाय तुरंत इस्तीफा दें।
उधर, आम आदमी पार्टी दिल्ली में खड़े हुए संकट के बीच सोमवार को पंजाब के भविष्य पर फैसला करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली में पंजाब के नेताओं की बैठक बुलाई है। पहले से तय एजेंडे के मुताबिक, बैठक में पंजाब के नए सूबा कनवीनर पर फैसला होना था। हालांकि अब इसके टलने के आसार हैं, लेकिन बैठक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होगी।
जानकारी के मुताबिक, पंजाब में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव को लेकर केजरीवाल ने सोमवार दोपहर 12 बजे अहम बैठक रखी थी। इसमें पंजाब के सभी 20 विधायकों, सांसद भगवंत मान व प्रो. साधू सिंह और सूबा कनवीनर गुरप्रीत घुग्गी को बुलाया गया है। केजरीवाल सभी नेताओं से पहले अलग-अलग फीडबैक लेंगे, फिर बैठक में नए कनवीनर का एलान किया जाना था। पंजाब के नए सूबा कनवीनर की दौड़ में भगवंत मान और सुखपाल खैरा का नाम सबसे आगे है। पार्टी घुग्गी को बरकरार रखने के मूड में नहीं है और एचएस फूलका को पहले ही नेता प्रतिपक्ष बनाया जा चुका है।





