अयोध्या में होने वाली धर्मसभा बैठक को लेकर संघ ने की संतों के साथ मंत्रणा

अयोध्या में 25 दिसंबर को आयोजित धर्मसभा की तारीख ज्यों-ज्यों नजदीक आ रही है त्यों-त्यों संघ परिवार की सक्रियता बढ़ती जा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व अयोध्या से लगातार संपर्क में है। संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल सोमवार को खुद अयोध्या पहुंच रहे हैं।अयोध्या में होने वाली धर्मसभा बैठक को लेकर संघ ने की संतों के साथ मंत्रणा

वह वहां संतों के साथ बातचीत करेंगे। विहिप के पदाधिकारियों के साथ भी उनकी बैठक तय है। संघ परिवार के अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके लिए विहिप व संघ परिवार के अन्य प्रमुख संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है।

इस बीच, विहिप की तैयारी धर्मसभा के लिए 75 गुणा 35 मीटर मंच बनाकर उस पर संतों को बैठाने की है। जिससे संत सभा में आने वालों को श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर बनाने का संकल्प दिलाएंगे।

अयोध्या की सभा के लिए संघ ने सारी तैयारियों की कमान खुद संभाल ली है। जगह-जगह स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। संघ की रणनीति अयोध्या और आसपास से विशेष भीड़ जुटाने की है।

तैयारियों को अंतिम रूप

सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल के अयोध्या दौरे के बाद लखनऊ में 21 नवंबर को सरकार्यवाह सुरेश जोशी ‘भैया जी’ लखनऊ में रहेंगे। वह 20 नवंबर की रात ही लखनऊ पहुंच चाएंगे। सरकार्यवाह के लखनऊ प्रवास का भी मुख्य मुद्दा अयोध्या की धर्मसभा है। उनके साथ संघ के दूसरे सहसरकार्यवाह वी. भगैय्या भी रहेंगे। इस बीच, सभा के दिन दूसरे सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के अयोध्या में रहने की खबर है।

विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा का दावा है कि धर्मसभा को लेकर सभी जगह जबरदस्त उत्साह है। हिंदू समाज की इच्छा अपने आराध्य प्रभु राम की जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर देखने की है। धर्मसभा में आने वाले श्रद्धाल यह साफ कर देंगे कि उनके धैर्य की इतनी भी परीक्षा न ली जाए कि स्थिति गंभीर हो जाए।

शर्मा के अनुसार, अयोध्या के साथ नागपुर और बंगलुरू में भी 25 को ही धर्मसभाएं हैं। सभी जगह बड़ी संख्या में लोग आने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सभा के लिए 75 गुणा 35 मीटर का मंच बनवाने का फैसला किया गया है। जिससे संत समाज धर्मसभा में आने वाले श्रद्धालुओं को संबोथित करेंगे।

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