अमरनाथ यात्रा शुरू: ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच पहला जत्था रवाना

57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा शुक्रवार से पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई प्रशासन ने श्रद्धालुओं से केवल अपनी पंजीकृत तिथि पर ही यात्रा करने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा और सुचारु संचालन के लिए तय सीमा से पहले किसी को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए शुक्रवार से 57 दिवसीय वार्षिक अमरनाथ यात्रा विधिवत शुरू हो गई। सुबह तड़के श्रद्धालुओं का पहला जत्था पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग से ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ।
इससे पहले गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को रवाना किया था।
शुक्रवार को दूसरे दिन भी कड़ी सुरक्षा के बीच 3,865 श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था 201 वाहनों के काफिले में कश्मीर के आधार शिविरों के लिए रवाना हुआ।
इनमें 1,735 श्रद्धालु बालटाल और 2,130 श्रद्धालु पहलगाम मार्ग से यात्रा करेंगे। अब तक कुल 8,687 श्रद्धालु जम्मू से यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं।
इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अपनी पंजीकृत (रजिस्टर्ड) तिथि पर ही यात्रा करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तारीख से पहले किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या तय की गई है, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो।
प्रशासन ने कहा कि अधिकांश श्रद्धालुओं ने पहले से ऑनलाइन और बैंक शाखाओं के माध्यम से पंजीकरण कराया है, जबकि तत्काल (ऑन-द-स्पॉट) पंजीकरण की संख्या बेहद सीमित है।
बिना पंजीकरण या तय तारीख से पहले पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपनी बारी का इंतजार करने की अपील की गई है।
यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, आधार शिविरों और यात्रा मार्गों पर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की बड़ी तैनाती की गई है।
उधर, जम्मू रेंज के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने यात्रा सुरक्षा की तैयारियों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।





