अब ख़ुद का मीडिया हाउस चाहते हो, तो पढ़ लीजिये इन नियमों को

नामांकन पत्र भरने की तिथि से राजनीतिक दलों अथवा प्रत्याशियों द्वारा राजनीतिक प्रकृति के विज्ञानों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जारी करने से पूर्व इसका प्रमाण राज्य स्तरीय जिला स्तरी एमसीएमसी से कराया जाना आवश्यक है।राजनीतिक दलों संबंधी विज्ञापनों का पूर्व प्रमाण राज्य स्तरीय समिति तथा पक्षियों से संबंधित विज्ञापन का पूर्व प्रमाणन जिला स्तरीय समिति करेगी।
 
क्या प्रिंट मीडिया में भी छपने वाले विज्ञापन का पूर्व प्रमाणन आवश्यक नहीं है?
प्रिंट मीडिया में छपने वाले विज्ञापनों का पूर्व प्रमाण आवश्यक नहीं है परंतु मतदान प्रारंभ होने के 48 घंटे पहले तक की अवधि में प्रिंट मीडिया में प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों का भी पूर्व प्रमाणन एमसीएमसी द्वारा किए जाने का प्रावधान आयोग द्वारा किया जा रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दायरे में कौन-कौन से माध्यम आएंगे?
इसके दायरे में हर प्रकार का ऑडियो, विजुअल, मीडिया आएगा जिसके अंतर्गत टीवी चैनल केबल नेटवर्क वेबसाइट, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम पिंटरेस्ट आदि समस्त सोशल मीडिया तथा किसी भी स्थान पर ऑडियो अथवा वीडियो के माध्यम से प्रचार किए जाने सभी शामिल है। इन सब पर विज्ञापन दिखाने के पूर्व एमसी एमसी से पूर्व प्रमाणन आवश्यक है।

क्या सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट या कमेंट करने पर कार्यवाही होगी? 
जी हां इस संबंध में एमसीएमसी स्वयं संज्ञान ले सकती है अथवा शिकायत करने के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व प्रमाणन के लिए आवेदन करने निराकरण आदि की समय सीमा क्या है?
पूर्व प्रमाणन के लिए पंजीकृत राजनीतिक दल अथवा उम्मीद्वार विज्ञापन जारी करने की तिथि के 3 दिन पूर्व तथा आप पंजीकृत राजनीतिक दल के उम्मीदवार 7 दिन पूर्व अपना आवेदन एमसीएमसी को प्रस्तुत करेंगे एमसीएमसी उसी दिन अथवा दूसरे दिन प्रमाणन जारी करेगी।

विज्ञापन के पूर्व प्रमाणन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे? 
इसके लिए राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार द्वारा इस हेतु आवेदन विज्ञापन की दो प्रतियों में इलेक्ट्रॉनिक कॉपी दो प्रतियों में ट्रांसक्रिप्ट विज्ञापन निर्माण में हुआ। वह विज्ञापन प्रसारण में लगने वाला व्यय विज्ञापन के प्रसारित होने की आवृत्ति आदि के कारण सहित प्रस्तुत करना होगा साथ ही यहां घोषणा पत्र भी देना होगा कि विज्ञापन का प्रकाशन स्वयं करने के लिए किया जा रहा है।
 
क्या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अंतिम 48 घंटे में विज्ञापन प्रसारित करवाए जा सकते हैं?
 
इसका उत्तर है नहीं।
 
यदि विज्ञापन का पूर्व प्रमाणन नहीं कराया जाता है तो क्या कार्यवाही होगी?
विज्ञापन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के चलाए जाने पर संबंधित उम्मीदवार के साथ ही सर्विस प्रोवाइडर के विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी।

पेड न्यूज़ कितने प्रकार की हो सकती है?
पेड न्यूज सकारात्मक एवं नकारात्मक दो प्रकार की हो सकती है सकारात्मक रूप से जब किसी दल के प्रत्याशी की अंतर जीत प्रशंसा की जाए तथा नकारात्मक रूप में जब उनकी निंदा की जाए दोनों ही निर्वाचन अपराध है।
 
पैड न्यूज की आशंका होने पर एमसीएमसी कैसे कार्रवाई करेगी?
पेड न्यूज की शंका होने पर एमसीएमसी संबंधित आरो के माध्यम से उस प्रत्याशी को नोटिस जारी करेगी जिसके संबंध में पेड़ न्यूज़ छपी है। इसके लिए 4 दिन 96 घंटे की अधिकतम सीमा निर्धारित है। 
 
पेड न्यूज़ पाए जाने पर एमसीएमसी क्या कार्रवाई करेगी?
पेड न्यूज पाए जाने पर एमसीएमसी आकार आवृत्ति समय की गणना डीएवीपी डीपीआर दरों पर किए जा कर उसकी राशि को संबंधित प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में जोड़े जाने के लिए निर्वाचन बेड टीम को भिजवा।
 
क्या पेड न्यूज़ पाए जाने पर संबंधित मीडिया के विरुद्ध कोई कार्यवाही होगी?
तेज न्यूज़ पाए जाने पर कार्रवाई के लिए एमसीएमसी इसकी सूचना प्रिंट मीडिया के मामले में प्रेस काउंसलिंग ऑफ इंडिया को तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मामले में न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी दिल्ली को देगी।
 
जिला स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय से असंतुष्ट होने पर क्या इस की अपील की जा सकती है?
जिला स्तरीय एमसी एमसी के निर्णय से असंतुष्ट होकर उसकी अपील जिला स्तरीय हमसे इन सेकंड हैंड के 48 घंटे के अंदर राज्य स्तरीय एमसी एमसी में की जा सकती है। एमसी-एमसी के मुख्य कर्तव्य क्या है।मतदान के 48 घंटे की अवधि में प्रिंट मीडिया में जारी होने वाले विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन करना।

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