अब बीच में ही अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ेंगी हरियाणा की बेटियां, मुफ्त मिलेगी Transport facility

हरियाणा की बेटियां अब बीच में ही अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ेंगी। वे 12वीं के बाद कालेजों में उच्च शिक्षा भी आसानी से हासिल कर सकेंगी। यातायात के साधनों की समस्या अब उनके रास्ते में आड़े नहीं आएगी। सरकार ने बेटियों को घर से कालेज लाने व छोडऩे के लिए यातायात के साधन मुहैया कराने का निर्णय लिया है। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ सरकारी कालेजों में पढऩे वाली लड़कियों को मुहैया कराई जाएगी।

इस संबंध में उच्चतर शिक्षा विभाग ने सरकारी कालेजों के प्राचार्याें को पत्र लिखकर अपने जिलों के यातायात अधिकारियों के साथ मिलकर रूट चार्ट निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। रूट चार्ट निर्धारित होते ही सरकार की ओर से लड़कियों को कालेज तक के लिए यातायात के साधन मुहैया करा दिए जाएंगे। फिलहाल प्रदेश के 173 रूटों पर 181 महिला बसें चलाई जा रही हैं।

प्रदेश में 155 सरकारी कालेज हैं। इन कालेजों में एक लाख 10 हजार 141 लड़कियां पढ़ती हैं। विभाग ने जिला वाइज, कालेज वाइज गांवों व कस्बों से सरकारी कालेजों में पढऩे वाली लड़कियों की संख्या के अनुसार लिस्ट भेजकर रूट चार्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद यह है कि हर लड़की के लिए घर से कालेज तक का सफर पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लड़कियों की शिक्षा के रेश्यो में सुधार लाया जा सके।

रूट चार्ट तैयार करने के निर्देश

उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा के डिप्टी डायरेक्टर कोर्डिनेशन हेमंत वर्मा का कहना है कि सरकारी कालेजों में पढऩे वाली लड़कियों को घर से कालेज लाने व छोडऩे के लिए यातायात के साधन मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए हर जिले में कालेज प्रबंधन व यातायात विभाग के अधिकारियों को रूट चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। रूट चार्ट बनते ही लड़कियों को यह सुविधा जल्द से जल्द मुहैया कराई जाएगी। फिलहाल इन रूटों पर रोडवेज की बसें ही चलाने का निर्णय लिया गया है।

विभाग का पत्र मिला

राजकीय महाविद्यालय, बहादुरगढ़ के प्राचार्य जगपाल कौशिक का कहना है कि विभाग का पत्र हमें मिल गया है। लड़कियों की संख्या व उनके गांवों के हिसाब से रूट चार्ट तैयार करवाया जा रहा है। जल्द ही इसे फाइनल करके सूची विभाग मुख्यालय में भेज दी जाएगी। यह सरकार का बहुत ही अच्छा कदम है।

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