अब इस तरह से चरित्रहीन औरतों की पहचान करना सिखाते यहाँ के लोग…

अपने छोटे से किराए के घर में अगर मैं एक चाय बनाने वाला पतीला भी खरीदूं, तो मां कहती है शनिवार को मत लेना, अशुभ होता है. हमारा जीवन शुभ-अशुभ से घिरा हुआ है. छोटी-छोटी मान्यताएं, जाने कहां, कैसे इन्होंने जन्म लिया, मालूम नहीं. मगर पीढ़ी दर पीढ़ी लोग इनको मानते आ रहे हैं. इसलिए हममें से कुछ लोग आज भी इन्हें बिना सवाल किए मानते हैं. कुछ सिर्फ मां का दिल रखने के लिए मान लेते हैं.अब इस तरह से चरित्रहीन औरतों की पहचान

ऐसे ही एक वस्तु और होती है, जिसे पतीलों, सोफा, वॉशिंग मशीन और फ्रिज की तरह जिसे घर में लाया जाता है. ये देखकर कि वो शुभ है या अशुभ. इस वस्तु का नाम है ‘बहू’.

वो महज पति की पत्नी नहीं होती. वो खानदान की बहू होती है. और चूंकि वो पूरे खानदान के लिए लाई जाती है, जरूरी है कि वो शुभ हो, कुलक्षिणी न हो. इसलिए बहू लाने के पहले उसकी फोटो देखी जाती है. नैन-नक्श देखे जाते हैं. शक्ल से भोली हो. सबसे जरूरी बात, गोरी हो और दांत अराब-खराब न हों. वो नशा करती होगी या उसका कोई पिछला प्रेमी होगा ये अब भी छोटे शहरों और गावों में सोचा तक नहीं जाता, इसे अपनाने की बात तो बहुत दूर की है.

गोरी, ‘सुंदर’, दुबली पतली लड़की जो लड़के से लंबी न हो, ऐसी बहुओं का चलन है हमारे यहां. बहुओं का चुनाव भी वैसे ही किया जाता है जैसे ड्रॉइंग रूम के परदे खरीदते हैं. वो परदे कमरे को सूट करने चाहिए. अगर आने वाली बहू बात करने लगेगी, अपनी ख्वाहिशें बताने लगेगी, तो वो इंसान हो जाएगी. लेकिन हमें तो परदे चाहिए होते हैं. अच्छी क्वालिटी के. जैसे हा पर्दों की जांच करते हैं कि डिफेक्टिव न हों, लड़कियों की जांच भी करते हैं.

और यूट्यूब के कुछ वीडियो इसमें लगातार हमारी मदद कर रहे हैं.

यूट्यूब पर हर तरह के वीडियो हैं. 5 फन वाले नाग से लेकर पेड़ में उभरने वाले गणेश की छवि को लेकर. योनि गीली क्यों होती है से लेकर लिंग को बड़ा कैसे करें तक, हर तरह के वीडियो जो सॉफ्ट पॉर्न जैसे हैं. और कुछ वीडियो ऐसे हैं, जो भद्दे, बेहूदे होने की हर हद पार कर देते हैं. ये वीडियो हैं ‘चरित्रहीन’ औरतों को कैसे पहचानें, ये बताने वाले वीडियो.

बता दें कि ऐसा नहीं कि ये वीडियो लड़कियों को उनके काम या आदतों के हिसाब से जज करें, जैसा किया जाना आम है. ये तो उनके शरीर के अंगों से उनकी पहचान करना बताते हैं. जैसे बाजार में सब्जियों की शक्ल देखकर हम उन्हें समझने की कोशिश करते हैं कि वो कितनी ताजी हैं. इन वीडियो में क्या है, उसकी एक झलक है ये. वीडियो आपको नहीं दिखाएंगे. लेकिन जो इनमें कहा गया है उसके टुकड़े यहां हैं.

बता दें कि ऐसा नहीं कि ये वीडियो लड़कियों को उनके काम या आदतों के हिसाब से जज करें, जैसा किया जाना आम है. ये तो उनके शरीर के अंगों से उनकी पहचान करना बताते हैं. जैसे बाजार में सब्जियों की शक्ल देखकर हम उन्हें समझने की कोशिश करते हैं कि वो कितनी ताजी हैं. इन वीडियो में क्या है, उसकी एक झलक है ये. वीडियो आपको नहीं दिखाएंगे. लेकिन जो इनमें कहा गया है उसके टुकड़े यहां हैं.

कितनी कमाल की बात है, कि कहीं न कहीं इनकी ‘अच्छी लड़की’ की परिभाषा उन अखबारी इश्तेहारों में फिट बैठती है, जो ‘वधू चाहिए’ में छपते हैं. जो लड़की शक्ल से गोरी, मीडियम बनावट की हो, वो इनके लिए अच्छी लड़की होती है. जिस तरह गोश्त को खरीदते समय हम उसके ज्यादा और कम मांसल भागों को अलग करते हैं, जिस तरह हम देखते हैं कि कौन सा ताज़ा है और किसमें ज्यादा स्वाद आएगा, उसी तरह ये लड़की के अंगों को देखकर उन्हें पसंद करने की हिदायत देते हैं.

अपने बाचाव में ये पहले ही कह देते हैं कि इस वीडियो के माध्यम से किसी स्त्री की संवेदनाएं आहत नहीं करना चाहते हैं. उसके बाद ‘सामुद्रिक रहस्य’ और देवी देवताओं का नाम लेकर कहते हैं कि ये सब तो प्राचीन काल में लिखा गया था. हम तो आपको बस बता भर रहे हैं.

पहले ही ‘चरित्रहीन’ शब्द कई तरीकों से गलत है. अपने मन की बात बेख़ौफ़ होकर कहने वाली हर औरत से लेकर सिगरेट-शराब पीने वाली औरत, शादी के पहले सेक्स करने वाली औरत से लेकर शादी के बाद पति के अलावा किसी अन्य पुरुष से सेक्स करने वाली औरतें, सभी को चरित्रहीन कहा जाता है. टाइट कपड़े पहनने, लिपस्टिक लगाने वाली लड़कियां भी कई लोगों को चरित्रहीन लगती हैं, रात को पार्टी करने वाली औरतें ‘वेश्या’ कहलाती हैं. हमारी नैतिकता की डिक्शनरी में तो अपने परिवार की बेटियों को छोड़कर दुनिया की सभी लड़कियां चरित्रहीन ही पाई जाती हैं.

हां, यही सब काम अगर पुरुष करें तो वो चरित्रहीन नहीं होते. बुरे हो सकते हैं, बदमाश, बिगड़ैल हो सकते हैं, मगर चरित्रहीन कभी नहीं होते. क्योंकि परिवार की इज्जत उनमें नहीं बसती. वो तो औरतों की योनियों और छातियों में बसती है.

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