अनुच्छेद 370 को लेकर, सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी से पूछा ये बड़ा सवाल, कहा- कैसे और क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है कि धारा को कैसे और क्यों खत्म किया जा सकता है। एक NGO ने धारा 370 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।अनुच्छेद 370 को लेकर, सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी से

याचिका में कहा गया है कि यह अनुच्छेद कभी संसद में पेश नहीं हुआ और इसे राष्ट्रपति के आदेश पर लागू किया गया। इस प्रावधान को 1954 में तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने अनुच्छेद 370 में प्रदत्त राष्ट्रपति के अधिकारों का उपयोग करते हुए ‘संविधान (जम्मू एवं कश्मीर के लिए आवेदन) आदेश 1954’ को लागू किया था। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले पर व्यापक बहस के लिए इसे तीन न्यायाधीशों की पीठ को हस्तांतरित कर दिया है।

याचिककर्ता के मुताबिक संविधान के इन प्रावधानों के तहत अगर जम्मू-कश्मीर की स्थाई निवासी महिला कश्मीर से बाहर के शख्स से शादी करती है, तो वो सूबे में सम्पति, रोजगार के तमाम हक़ खो देगी और साथ ही बच्चों को भी परमानेंट रेसिडेंट सर्टिफिकेट नही मिलेगा।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के अलावा अन्य भारतीय नागरिक राज्य में अचल संपत्ति नहीं खरीद सकते और ना ही मताधिकार हासिल कर सकते हैं।

इसे भी पढ़े: अभी अभी: अमित शाह के लखनऊ पहुंचते ही अखिलेश को लगा करारा झटका! दो मुस्लिम एमएलसी ने दिया इस्तीफा! बीजेपी में होंगें शामिल!

आर्टिकल35 A के तहत जम्मू-कश्मीर में रह रहे पश्चिमी पाकिस्तान से आए शरणार्थी, बाल्मीकी, गोरखा सहित लाखों लोग, 6 दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ये न तो सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और न ही इनके बच्चे यहां व्यावसायिक शिक्षा में दाखिला ले सकते हैं।

 

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर का गैर स्थायी नागरिक (नॉन पीआरसी) लोकसभा में तो वोट दे सकता है, लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव में वोट नहीं दे सकता। 

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसीटर जनरल को सुनवाई की अगली तारीख यानि 14 अगस्त तक केंद्र सरकार का अपना रुख साफ करने का आदेश दिया है।

Back to top button