अधिकमास में कर सकते हैं बिजनेस डील साइन या नई नौकरी ज्वाइन?

अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस महीने को लेकर अक्सर लोग बहुत ज्यादा दुविधा में रहते हैं कि क्या करें और क्या न करें। चलिए जानते हैं अधिकमास से जुड़े कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब, जो आपके जहन में अक्सर आते होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल –
क्यों आता है हर 3 साल में अधिकमास?
हिंदू कैलेंडर सूर्य और चंद्रमा की गणना पर आधारित है। सूर्य वर्ष में लगभग 365 दिन और चंद्र वर्ष: लगभग 354 दिन होते हैं। दोनों के बीच हर साल 11 दिनों का अंतर आता है। 3 साल में यह अंतर लगभग एक महीने का हो जाता है। इसी गैप को भरने के लिए ‘अधिकमास’ आता है, ताकि हमारे त्योहार सही मौसम में पड़ते रहें।

क्या डेटिंग या सगाई की बात कर सकते हैं?
सगाई एक मांगलिक कार्य है, अधिकमास में इससे बचना चाहिए। रही बात किसी से बातचीत या डेटिंग की, तो जानने-समझने या मिलने पर कोई पाबंदी नहीं है। अधिकमास में आपसी समझ को बढ़ाने में कोई बुराई नहीं है।

क्या हेयरकट, वैक्सिंग या थ्रेडिंग करा सकते हैं?
पुराने समय में बिजली और सलीके के साधनों की कमी थी, इसलिए शुभ दिनों में इन कामों से बचा जाता था। अगर आपको ऑफिस जाना है या प्रेजेंटेबल दिखना है, तो सामान्य ग्रूमिंग (ट्रिमिंग, थ्रेडिंग) कर सकते हैं। हां, ‘मुंडन’ जैसा बड़ा संस्कार अधिकमास में करने से बचना चाहिए।

क्या ऑनलाइन शॉपिंग और गैजेट्स लेना सही है?
अधिकमास में शादी की शॉपिंग आदि से बचना चाहिए। लेकिन पर्सनल जरूरत की चीजें जैसे नया फोन, लैपटॉप या ऑफिस के लिए कपड़े खरीदना पूरी तरह ठीक है। अगर कोई गैजेट आपके काम में मदद करता है, तो उसे लेना अशुभ नहीं है।

नई जॉब या डील कर सकते हैं?
पुरुषोत्तम मास ‘सिद्धि’ का महीना है। मेहनत से फल कमाना और नई जिम्मेदारी लेना कभी गलत नहीं होता, लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में करियर में बड़े बदलाव या फिर भारी निवेश करने से बचना चाहिए।

नया घर या गाड़ी लेना सही है?
गृह-प्रवेश या नया वाहन आदि खरीदना अधिकमास में शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में इस कार्यों के लिए इस महीने के खत्म होने का इंतजार करें। हां, लेकिन टोकन मनी देना या पेपरवर्क किया जा सकता है।

क्या किराए के घर में जा सकते हैं?
अगर आप सिर्फ अपना पत्ता बदल रहे हैं यानी किराए का घर ले रहे हैं, तो यह धार्मिक संस्कार की श्रेणी में नहीं आता। ऐसे में अधिकमास में यह किया जा सकता है। बस शिफ्ट होने के बाद एक छोटी-सी ‘विष्णु सहस्त्रनाम’ की पूजा कर लें, ताकि जीवन में सुख-शांति बनी रहे।

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