पीएम मोदी के सपनो पर फिर पानी, यहाँ स्कूल के टॉयलेट को बना दिया गया कंप्यूटर रूम

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश को स्वच्छ करने का सपना देखा जा रहा है. गंदगी से मुक्त करने के उद्देश्य के लिए शासन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर कई तरह के जतन किए जा रहे हैं. वहीं, मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के कानड़ के एक स्कूल में टॉयलेट के अंदर ही कंप्यूटर रूम बना दिया गया है.पीएम मोदी के सपनो पर फिर पानी, यहाँ स्कूल के टॉयलेट को बना दिया गया कंप्यूटर रूम

मामला मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के कानड़ में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है जहां के स्टाफ रूम में शिक्षकों के लिए बने शौचालय के अंदर ही कंप्यूटर रूम बना दिया गया है.

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स्थापना शाखा में बने टॉयलेट में अलमारी रखकर महत्वपूर्ण फाइलों को रखने के लिए स्टोर रूम में तब्दील कर दिया गया है, जबकि इनका उपयोग स्कूल में पढ़ाने वाली 3 शिक्षिकाओं सहित 15 शिक्षकों के लिए किया जाना था. लेकिन इनके बंद होने के कारण बच्चों के लिए बने टॉयलेट का इस्तेमाल अब इन शिक्षकों को करना पड़ रहा है. 

इस हायर सेकंडरी स्कूल में 634 बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें 11 स्थाई और 8 अतिथि शिक्षक पढ़ाते हैं. स्कूल के टॉयलेट को कम्प्यूटर कक्ष बनाने के पीछे जगह की कमी और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जा रहा है. स्कूल के प्राचार्य के अनुसार स्कूल में पहले कम्प्यूटर चोरी हो चुके हैं, जिसके चलते उन्हें टॉयलेट से अधिक सुरक्षित कोई स्थान दिखाई नहीं दिया, ऐसे में कंप्यूटर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से स्टाफ रूम के टॉयलेट में कंप्यूटर रख कर काम किया जा रहा है.

इतना ही नहीं, स्कूल में बच्चों की लैब के लिए बने कक्ष को स्टोर रूम के रूप में उपयोग में लिया जा रहा है और उसमें बच्चों को शासन की ओर से निशुल्क वितरित होने वाली पुरानी सहित इसी सत्र की सैकड़ों पुस्तकों की अटालें बनी हुई हैं. इस संबंध में भी प्राचार्य महोदय का तर्क है कि इन किताबों को उन्हें जबरदस्ती ऊपर से थोप दिया गया है.

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इस मामले में जिला कलेक्टर अजय गुप्ता का कहना है कि इस तरह से शासन द्वारा दिए गए सामानों को लापरवाही पूर्वक रखना आपत्तिजनक है, मामले में जांच कराई जाएगी और लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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