अगर वेलेंटाइन डे प्रेमी जोड़े के लिए है बेहद खास दिन, तो 15 फरवरी सिंगल लोगों के लिए इसलिए है बेहद खास

हर साल 15 फरवरी को ‘सिंगल अवेयरनेस डे’ (Singles Awareness Day) यानी ‘एकल जागरूकता दिवस’ मनाया जाता है. जो लोग सिंगल (Singles) यानी अकेले होते हैं वो लोग इस दिन अपने एकाकीपन (singleness) का जश्न मनाते हैं. इस दिन को ‘सिंगल एप्रिसिएशन डे’ (Singles Appreciation Day) यानी ‘एकल प्रशंसा दिवस’ के नाम से भी जाना जाता है. एक ओर जहां 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे (Valentine’s Day) पर कपल्स एक-दूसरे को तोहफे, फूलों के गुलदस्ते देकर प्यार का इजहार करते हैं और इस दिन को खास बनाने के लिए दिन भर साथ रहते हैं. तो वहीं सिंगल लोग इस दिवस के विरोध के तौर पर 14 फरवरी को एंटी-वैलेंटाइन डे (Anti-Valentine’s Day) मनाते हैं.
क्या है इसका इतिहास?
एकल जागरूकता दिवस मनाने की शुरुआत कब से हुई ? इसके बारे में कोई सटीक जानकारी तो नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि साल 2005 से इस दिन को हर साल 15 फरवरी को मनाया जाता है. कहा जाता है कि इस दिन को मनाने की शुरुआत किसी ऐसे व्यक्ति ने की होगी जो उस समय सिंगल होगा और वो वैलेंटाइन डे की व्यवसायिक छुट्टी के खिलाफ आवाज उठाना चाहता होगा.
कैसे किया जाता है सेलिब्रेट?
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सिंगल अवेयरनेस डे एकल लोगों के लिए बेहद खास दिन होता है, जब वो छुट्टी लेकर अपने हिसाब से इसका जश्न मना सकते हैं. इस दिवस को सिंगल लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है. इस दिन सिंगल या प्यार में धोखा खाए हुए लोग अपने दूसरे सिंगल दोस्तों के साथ समय बिताते हैं. इस मौके पर सिंगल दोस्त एक-दूसरे को गिफ्ट देते हैं, फूल देते है. इसके अलावा को किसी क्लब या किसी पार्टी में जाकर इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं. इस दिन लगभग सभी सिंगल लोग अपने अकेलेपन का जश्न मनाते हैं.
दरअसल, सिंगल अवेयरनेस डे सिंगल होने का दुख नहीं, बल्कि खुशी मनाने का दिन है. इसका उपयोग आप खुद के साथ वक्त बिताने, खुद में सुधार लाने या आत्म विश्लेषण करने के लिए कर सकते हैं. यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है कि इस दिन का आप किस तरह से जश्न मनाते हैं, क्योंकि इसे मनाने का कोई भी तरीका सही या गलत नहीं है. इस दिवस को मनाने का बस एक ही मकसद है और वो है अपने अकेलेपन का आनंद उठाना.





