अगर पूरी दुनिया में खत्म हो जाए जीवन, लेकिन फिर भी ये इंसान रहेगा जिन्दा…

38 साल पहले कनाडा के रहने वाले ब्रूस ने 12 हजार 600 डॉलर में तीन दर्जन से भी ज्यादा बसों को खरीदा और उन्हें अपने घर के बैकयार्ड में दफना दिया। आप सोच रहे होंगे कि ब्रूस ऐसा क्यों कर रहे हैं? दरअसल, कनाडा का यह बुजुर्ग महाप्रलय से अपने परिवार को बचाने की तैयारी कर रहा है। इस अनोखे न्यूक्लियर शेल्टर को तैयार करने में ब्रूस ने 42 बसों का इस्तेमाल किया है।
ब्रूस ने इस न्यूक्लियर शेल्टर को नाम दिया है आर्क -टू। ब्रूस को न्यूक्लियर शेल्टर बनाने की तरकीब बाइबल से मिली। बाइबल के अनुसार एक शख्स जिसका नाम नोह बताया गया है। उसने प्रलय के समय लोगों के परिवारों और जानवरों को बचाने के लिए एक जहाज बनाया था। इस जहाज को आर्क नाम दिया है।
ब्रूस भी उसी से प्रेरित हुए और उन्होंने इस न्यूक्लियर शेल्टर को तैयार किया। ब्रूस के मुताबिक, उन्होंने 42 बसों को सिलसिलेवार तरीके जमीन से 14 फीट नीचे दफनाया है। उनके इस शेल्टर में लगभग 500 लोग 3 हफ्ते तक रह सकते हैं। इस शेल्टर को ब्रूस ने इस तरह तैयार किया है जिससे इस पर रेडिएशन का भी असर नहीं होगा।
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इस शेल्टर में हथियारों से लैस कमरा, रेडियो कम्युनिकेशन रूम, डीजल जेनरेटर, वॉटर टैंक और दो किचन बनाए गए हैं। सभी सिक्युरिटी मीटर्स के आलावा बच्चों के लिए खेलने का एक कमरा और कई ज़रूरी चीजें भी उपलब्ध हैं। उनका दावा है कि उनका न्यूक्लियर शेल्टर नॉर्थ अमेरिका में सबसे बड़ा शेल्टर है।





