हो गया साबित आजादी के बाद भी जिंदा थे नेताजी – पार्ट 2

subhash-chandra-bose-300x230नेहरू ने छोड़ रखे थे नेताजी के परिवार के पीछे 14 जासूस

subhash-chandra-boseकोलकाता। नेताजी से जुड़े सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों से साबित होता है कि ताइवान में 18 अगस्त, 1945 को एक विमान दुर्घटना में नेताजी की कथित मृत्यु के बाद सरकार ने बोस परिवार की जासूसी कराई थी।

जासूसी के लिए तैनात थे 14 जासूस

सुभाष चंद्र बोस के भाई के पोते चंद्र बोस ने इस सन्‍दर्भ में कहा कि उन्होंने मेरे पिता अमिय नाथ बोस की जासूसी क्यों कराई? वह दाऊद इब्राहिम नहीं थे! फिर भी उन्होंने उन (अमिय नाथ बोस –नेताजी के भतीजे) पर नजर रखने के लिए खुफिया विभाग के 14 लोग तैनात कर रखे थे। भारतीय सरकार को एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी के परिवार की जासूसी कराने की जरूरत क्यों आन पड़ी? मैं मांग करता हूं कि पीएम (नरेंद्र) मोदी इसकी जांच कराएं।

गांधी को भी नहीं था भरोसा

आठ अप्रैल 1946 की एक खुफिया फाइल के मुताबिक महात्मा गांधी को भी नेताजी की मौत का विश्वास नहीं था। अगस्त 1945 में नेताजी की कथित मौत के आठ माह बाद गांधी ने बंगाल में एक प्रार्थना सभा में कहा कि मुझे भरोसा है कि नेताजी जिंदा हैं। चार माह बाद उन्होंने एक लेख लिखा कि ऐसी निराधार भावना पर भरोसा नहीं किया जा सकता। गांधी ने अंतरात्मा की आवाज पर यह कहा, जिसे कांग्रेसियों गुप्त सूचनाओं पर आधारित माना। इस फाइल में नेहरू को नेताजी का रूस से भेजा एक पत्र मिलने की बात भी दर्ज की गई थी।

नेताजी की पत्‍नी को भी नहीं था भरोसा

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पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सार्वजनिक की गईं नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी गोपनीय फाइलों में मौजूद मई 1946 के एक गुप्त पुलिस मेमो में एक चिट्ठी का जिक्र है। हालांकि इससे ऐसा संकेत मिलता है कि सुभाष चंद्र बोस की पत्‍नी एमिलि शेंकल भी मानती थीं कि नेताजी की मौत हो चुकी है। वहीं इस चिट्ठी का निचला हिस्सा फटा हुआ है।

नेताजी के रिश्तेदार और नेताजी रिसर्च ब्यूरो के प्रमुख कृष्णा बोस कहते हैं, वह एमिली शेंकल से मिले हैं। वह कहते हैं, एमेली चाची ने हमें बताया था कि वह वियना में अपने घर की रसोई में काम कर रही थी, तभी अचानक रेडियो पर घोषणा हुई कि सुभाष चंद्र बोस की विमान दुर्घटना में मौत हो गई।

कब हुई थी नेताजी की शादी

जानकारी के मुताबिक, एमिली और नेताजी की मुलाकात बर्लिन में 1941 में हुई थी और दोनों ने 1942 में शादी कर ली थी। एमिली ने एक पत्र में यह भी बताया था कि नेताजी और उनकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ जर्मनी में हुई थी, लेकिन शादी का पंजीकरण नहीं हो पाया।

 

 

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