हाईकोर्ट के अवैध घोषित करने के बाद कर्मचारी हड़ताल स्थगित

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल को बृहस्पतिवार को अवैध घोषित कर दिया। इस निर्देश के बाद कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी ने पुरानी पेंशन बहाली मंच ने बुधवार से शुरू महाहड़ताल देर रात स्थगित कर दी।  हाईकोर्ट के अवैध घोषित करने के बाद कर्मचारी हड़ताल स्थगित

इससे पहले बुधवार से शुरू हुई सरकारी कर्मचारियों व शिक्षकों की हड़ताल को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अवैध घोषित कर दिया है। इस संबंध में दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने कहा कि यह हड़ताल सरकारी कर्मचारियों के सेवा आचरण नियमों के खिलाफ है। वहीं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की वीडियोग्राफी करवाएं और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक महीने में हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करें।

इस मामले में अधिवक्ता राजीव मिश्रा ने याचिका दायर की थी। याची का कहना था कि इस समय यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। इनमें लाखों विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। वहीं सरकारी कार्य भी चल रहे हैं। इनके बीच अचानक हड़ताल की घोषणा कर दी गई। 12 फरवरी तक चलने वाली हड़ताल से समस्त व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। प्रदेश सरकार की ओर से आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने के बाद भी हड़ताल की जा रही है।

याची ने सुप्रीम कोर्ट के 1962 के एक आदेश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि आवश्यक अवसरों पर सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। फिर भी करीब 10 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वहीं इस मामले में दाखिल एक अन्य जनहित याचिका की सुनवाई शुक्रवार को होगी।

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