नए साल पर सेना और वायुसेना को सरकार ने दिए नए प्रमुख

नई दिल्ली : एयर मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने वायु सेना प्रमुख और जनरल बिपिन रावत ने थल सेना प्रमुख का पदभार संभाला है। एयर मार्शल धनोआ ने एयर चीफ अरुप राहा की जगह ली है। वहीं ले. जनरल रावत ने जनरल दलबीर सिंह की जगह ली है।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह 43 साल देश की सेवा करने के बाद शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। दलबीर सिंह ने नई दिल्ली में साउथ ब्लॉक स्थित मैदान में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद कहा कि 43 साल देश की सेवा करने के बाद आज मैं सेवानिवृत्त हो रहा हूं। मैं उन शहीदों को सलाम करता हूं, जिन्होंने कुर्बानियां दी। साथ ही रिटा. जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने कहा कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।
सेना को पूरी छूट देने और एक रैंक एक पेंशन लागू करने के लिए उन्होंने सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि साल के दौरान घुसपैठ के प्रयासों में इजाफा तो हुआ लेकिन मारे गए आतंकवादियों की संख्या पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना रही। सेना किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। उनके कार्यकाल के दौरान सेना ने अभियानगत तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया। सुहाग ने कहा कि जब उन्होंने पदभार ग्रहण किया था तब उन्होंने कहा था कि हमारे हितों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए भारतीय सेना की प्रतिक्रिया त्वरित, उचित और तीव्र होगी। उन्होंने कहा कि विगत अढ़ाई वर्ष में भारतीय सेना ने ऐसा ही किया।
नए वायुसेना प्रमुख धनोवा ने वायुसेना की हवाई अभियान की अवधारणा को समकालिक युद्ध व्यवहारों में तब्दील किया है। उन्होंने मुख्य रूप से किरण और मिग 21 विमान उड़ाई, जिसके जरिए उन्हें जगुआर से लेकर अत्याधुनिक मिग 29 और सुखोई 30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों का अनुभव प्राप्त हुआ। एक अग्रिम जमीनी हमला फाइटर स्कवाड्रन का कमांडिंग अधिकारी होने के नाते उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ करगिल के सीमित युद्ध में दुश्मन को उनके ठिकाने से बाहर निकालने में वायुसेना का नेतृत्व किया था।





