सावधान : 28 दिन में भी मिल सकते हैं कोरोना के लक्षण
लखनऊ : एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना के लक्षण 4 से लेकर 28 दिनों के भीतर कभी आ सकते हैं। कई बार अर्ली स्टेज में टेस्ट होने के कारण सलाइवा में वायरस नहीं मिलता हैं। ऐसे में क्वारंटाइन और आइसोलेशन के दौरान लोगों को सावधानी बरतने के साथ दूसरे से मिलने से बचना चाहिए। इसके साथ वायरस को लेकर और रिसर्च करने की जरूरत है। दरअसल, कोरोना को लेकर लोगों के मन में कई तरह के डर और सवाल हैं। कुछ केस ऐसे सामने आए हैं कि क्वारंटाइन में समय बीताने के बाद भी लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जबकि पहले उनकी रिपोर्ट निगेटिव थी।
केजीएमयू के डॉक्टर बताते हैं कि आमतौर पर कोरोना वायरस के लक्षण 14 दिनों के भीतर आ जाते हैं, लेकिन कुछ केस में देखा गया है कि इसके लक्षण 28 दिनों में भी आये हैं। फिर भी घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसा महज 2.4 परसेंट लोगों में ही देखा गया है। सबको यही सलाह दी जाती है कि वह अपना 14 दिनों का क्वारंटाइन पीरियड पूरी तरह से फॉलो करें।
एक्सपर्ट बताते हैं कि कई बार शुरुआती जांच में बलगम में वायरस नहीं मिलता है, जिससे रिपोर्ट निगेटिव होती है। फिर भी उन्हे 14 दिनों के लिए घर पर ही आइसोलट रहने के लिए कहा जाता है। अगर इस दौरान कोई तकलीफ होती है तो जांच दोबारा की जाती है। वहीं अगर किसी व्यक्ति का 14 दिनों का क्वारंटाइन पूरा हो जाता है तो उसका कोरोना टेस्ट दोबारा कराया जाता है। इसके बाद ही उसे कोरोना फ्री कहा जाता है। लोगों से यही अपील है कि घबराने की जगह सतर्कता और सावधानी बरतें। आइसोलेट इंसान के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कोई संदिग्ध आगे पॉजिटिव होता है तो उसमें कोई लक्षण जरूर होगा। टेस्ट के समय वायरस लोड नहीं रहा होगा या आगे चलकर वो किसी और संक्रमित के संपर्क में आया होगा। अगर कोई कोरोना फ्री होने के बाद आगे चलकर पॉजिटिव होता है तो यह देखने वाली बात होगी। उस व्यक्ति की इंम्यूनिटी लेवल भी कमजोर होना एक बड़ी वजह हो सकता है।





