#सावधान: गर्मी में किसी को भी हो सकती है ये जानलेवा बीमारी

वो बीमारी जो दूषित खाने की वजह से इंसान को हो जाती है उसे सामान्यत: फूड प्वाइजनिंग के नाम से जाना जाता है. फूड प्वाइजनिंग की वजह से इंसान को चक्कर आने लगते हैं, उल्टी होती है और कुछ मामलों में डायरिया तक हो जाती है.#सावधान: गर्मी में किसी को भी हो सकती है ये जानलेवा बीमारीफूड प्वाइजनिंग किसी भी इंसान के लिए घातक हो सकती है. हालांकि इसके लक्षण बहुत जल्द दिखने लग जाते हैं. शुरुआती लक्षणों में कमजोरी, पेट दर्द, भूख में कमी, हल्का बुखार और सर दर्द शामिल है. समय पर इलाज ना होने की वजह से उल्टी और डायरिया तक होने की संभावना रहती है.

अगर तीन दिनों से अधिक डायरिया रहे और बुखार 101.5 फॉरेनहाइट से अधिक रहे एवं देखने और बोलने में तकलीफ हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. पेशाब से खून आना भी मराज के लिए खतरे का संकेत है.

फूड प्वाइजनिंग की वजह बैक्टीरिया, पैरासाइट या फिर वायरस हो सकता है. फूड प्वाइजनिंग के ज्यादातर मामलों के पीछे बैक्टीरिया होते हैं. ई कोली, लिस्टेरिया और सैल्मोनेला ऐसे बैक्टीरिया हैं जो सेहत के लिए बहुत घातक होते हैं. पैरासाइट टैक्सोप्लाज्मा भी फूड प्वाइजनिंग की वजह बनता है. वहीं नोरोवायरस की वजह से भी फूड प्वाइजनिंग हो जाती है.

खाने की वो चीजें जो कच्ची खाई जाती हैं, उनकी वजह से फूड प्वाइजनिंग का खतरा ज्यादा रहता है. जो चीजें गर्म की जा सकती हैं उन्हें गर्म कर दिया जाय तो पैथोजन खत्म हो जाता है और खतरा कम रहता है.

अंडा, मांस और दूध से बनने वाली चीजें आसानी से प्रदूषित हो जाती हैं. इसके अलावा अगर खाना बनाने से पहले अगर साफ-सफाई का ध्यान ना रखा जाय तो भी फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है.

फूड प्वाइजनिंग की अच्छी बात ये है कि अगर लक्षण पहले से पता चल जाएं तो घर पर ही इसका इलाज किया जा सकता है. एलेक्ट्रोलाइट्स, जूस, नारियल पानी और पानी की मदद से मरीज को बेहोश होने से बचाया जा सकता है. ज्यादा से ज्यादा पानी और इमोडियम या पेप्टो बिसमोल की गोलियां खाने से मरीज जल्दी रिकवर कर जाता है.

फूड प्वाइजनिंग के दौरान ज्यादा से ज्यादा आराम करें और खूब पानी पिएं. तेल मसाले वाली चीजें ना खाएं, केले, चावल, ओटमील इत्यादि का सेवन करें.

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