सचिव सुरेश चंद्रा का भविष्य इन दोनों नेताओं के हाथ में…


सुरेश चंद्रा सरकार के केन्द्रीय मंत्रियों के वफादार अफसर हैं, लेकिन इनकी फाइल आगे बढ़ पाने में एक गतिरोध भी है। चंद्रा का नाम सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के विवाद में चर्चा में आया है। मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के मामले में बिचौलियागिरी करने वाले सतीश बाबू सना को हस्तक्षेप करके वह बचाने का प्रयास करने वाले बताए जा रहे हैं। बताते हैं कानूनी मामलों के सचिव की बाकायदा फोन पर बातचीत टैप हुई। सुरेश चंद्रा आंध्रा कॉडर की आईएएस आफिसर रेखा रानी से फोन पर बातचीत करते हुए दर्ज हुए हैं। इसमें वह रेखा रानी को बता रहे हैं कि कैसे सतीश बाबू सना महत्वपूर्ण हैं और उन्हें बचाया जाना चाहिए। सुरेश चंद्रा की यह बातचीत लंदन से 13 नवंबर को हुई है और इसे आलोक वर्मा, राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी सीबीआई की जंग में अहम कड़ी माना जा रहा है।
यह पूरा मामला अभी उच्चतम न्यायालय के अधीन है। सीबीआई के डीआईजी एमके सिन्हा ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल अपने हलफनामे में बाकायदा इसका जिक्र किया है। हालांकि इस प्रकरण में सुरेश चंद्रा ने अपनी सफाई भी दी है। चंद्रा ने सफाई में कहा कि वह जीवन में केवल एक बार लंदन गए हैं। वह लंदन 06-10 जुलाई 2018 को लंदन गए थे। नवंबर 2018 में वह लंदन में थे ही नहीं। लेकिन सूत्र बताते हैं कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय सभी पहुलओं पर गौर कर रहा है।
मामला तो गंभीर है
कानून मंत्रालय के एक पूर्व सचिव भी गंभीर मामला मान रहे हैं। उनका कहना है कि कोयला घोटाले में तत्कालीन कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने हस्तक्षेप किया था तो उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। यहां भी मामला कुछ वैसा प्रतीत हो रहा है। यदि कानूनी मामलों के सचिव ने फोनपर सतीश बाबू सना को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया है तो यह गंभीर मामला है। सीबीआई के एक वरिष्ठ अफसर का कहना है कि आने वाले समय में मामले की जांच आगे बढ़ी तो सतीश चंद्रा से भी पूछताछ की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि वह सचिव स्तर के अधिकारी हैं, इसलिए इसके लिए एजेंसी को सरकार से अनुमति लेने की भी जरूरत पड़ेगी।
क्या सुरेश चंद्रा को मिलेगा सेवा विस्तार?
अभी सबकुछ अधर में है। प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय में विचार के स्तर पर है। कानून मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपनी तरफ चंद्रा को सेवा विस्तार देने की सिफारिश कर दी है। एक एडिशनल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी के मुताबिक वित्त मंत्री जेटली के कहने पर चंद्रा को सेवा विस्तार की सिफारिश हुई है। समझा जा रहा है सेवा विस्तार मिलने का निर्णय बृहस्पतिवार तक आ जाएगा। कानून मंत्रालय के अफसरों की निगाहें भी इस नये डेवलपमेंट पर लगी हैं। कुछ अफसर मंगलवार 27 नवंबर को भी चंद्रा से मिलकर उनके हाव-भाव से सेवा विस्तार का आंकलन करने में लगे थे, लेकिन देर शाम तक उनके हाथ कोई सफलता नहीं लग पाई है।





