संदिग्ध हालात में नर्सिंग छात्रा की मौत, 14 फीट ऊंचे जाल पर बिना सहारे के लगी फांसी

मड़ियांव में सेवा अस्पताल में नर्सिंग फाइनल ईयर की छात्रा प्राची मिश्रा (20) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर वह घर पर अकेली थी।
संदिग्ध हालात में नर्सिंग छात्रा की मौत, 14 फीट ऊंचे जाल पर बिना सहारे के लगी फांसी
दोपहर करीब डेढ़ बजे माता-पिता घर पहुंचे तो आंगन में लगे जाल से छात्रा का शव दुपट्टे के सहारे लटका देख उनकी चीख निकल गई। दरवाजा व कमरे की अलमारियां खुली थीं और सामान बिखरा पड़ा था और जेवर-नकदी गायब थे।

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परिवारीजनों ने लूटपाट के बाद हत्या कर शव फंदे से लटकाने की आशंका जताई है। हालांकि, इंस्पेक्टर राघवन कुमार सिंह ने लूट की बात से इन्कार किया है। शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होगी।

इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्रा के पिता बालकृष्ण मिश्रा प्रॉपर्टी डीलर हैं और फैजुल्लागंज की कृष्णलोक कॉलोनी में पत्नी नीतू व पांच बेटे-बेटियों संग रहते हैं।

शुक्रवार सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद वह पत्नी के साथ काम से निकल गए। प्राची किसी वजह से अपने इंस्टीट्यूट नहीं गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे बालकृष्ण व नीतू घर लौटे तो मेन गेट बंद था।

वह बेटी को पुकारते रहे, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस पर वह घर के दूसरे गेट पर गए जोकि खुला था। भीतर जाने पर आंगन में प्राची का शव फंदे से लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

शव फंदे से उतारकर पुलिस को सूचना दी। बालकृष्ण कमरे में पहुंचे तो आलमारी खुली देख चौंक गए। उनका कहना था कि आलमारी में रखा सामान बिखरा था। लॉकर से जेवर व 28 हजार कैश गायब थे।

आरोप है कि किसी ने लूटपाट के बाद बेटी की हत्या की और खुदकुशी का रूप देने के लिए शव फंदे से लटका दिया। इंस्पेक्टर ने कहा कि छानबीन में पाया गया कि जेवर आलमारी में रखे हुए हैं। हालांकि, परिवारीजनों का कहना है कि जो जेवर मिले हैं, वह आर्टिफिशियल हैं।

घर में मचा कोहराम, बेहोश हुई मां

प्राची का शव फंदे से लटकते देख नीतू चीखते हुए बाहर की तरफ भागीं और बेहोश होकर गिर पड़ीं। उन्हें देखकर आसपास के लोग दौड़े। पीछे से बालकृष्ण आए और बताया कि बेटी का शव लटका हुआ है तो लोगों के होश उड़ गए। खबर मिलते ही छोटी बहन पल्लवी, मांडवी, भाई ऋषभ और कन्हैया घर आ गए।

साढ़े दस बजे तक जिंदा थी प्राची

प्राची की मौत साढ़े दस बजे के बाद हुई है। परिवारीजनों ने बताया कि घर का कामकाज करने के लिए नौकरानी नीलम आती है। शुक्रवार सुबह वह करीब दस बजे आई और काम करने के बाद साढ़े दस बजे चली गई। जाते वक्त उसने प्राची को दरवाजा भीतर से बंद करने को भी कहा। प्राची ने मेन गेट बंद कर लिया। जबकि दूसरा गेट कब और कैसे खुला। इस बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है।

आंगन में स्टूल न कुर्सी, 14 फीट ऊंचे जाल पर कैसे लगाई फांसी 

प्राची के पिता का कहना है कि आंगन में न तो स्टूल है न कुर्सी। इसलिए प्राची के खुदकुशी करने की बात गले से नहीं उतर रही। उन्होंने कहा कि आंगन की छत पर लोहे का जाल पड़ा है जो खुलता नहीं है। इसकी ऊंचाई करीब 14 फीट है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्राची ने फंदा लगाया तो वह बिना कुर्सी-स्टूल के जाल तक कैसे पहुंची। प्राची के पैर जमीन से छू रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी इस परिस्थिति में फांसी लगाकर नहीं मर सकता।
 
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