वैक्सीन से भी खत्म नहीं होगा कोरोना, सामने आई ये चौका देने वाली रिपोर्ट…

अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ और कोरोना नियंत्रण के लिए बनाई गई सरकारी कमेटी में शामिल डॉ. एंथनी फाउची ने चेतावनी दी है कि वैक्सीन तैयार होने के बाद भी अमेरिका में कोरोना के बचे रहने की आशंका रहेगी. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, फाउची ने कहा कि अमेरिका के काफी लोग ऐसा कह रहे हैं कि वे कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे, इसकी वजह से अमेरिका में हर्ड इम्युनिटी हासिल नहीं होने की आशंका रहेगी.

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डॉ. एंथनी फाउची ने यह भी कहा कि वे कोरोना वायरस की उस वैक्सीन का इस्तेमाल करना चाहेंगे जो ट्रायल के दौरान कम से कम 70 से 75 फीसदी तक प्रभावी साबित होती है. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर एक प्रभावी वैक्सीन लगाने के बाद किसी कम्युनिटी के 60 फीसदी लोग इम्यून हो जाते हैं तो वहां हर्ड इम्युनिटी हो जाएगी. इसकी वजह से वायरस की चेन टूट जाएगी और संक्रमण रुक जाएगा.

पिछले महीने सीएनएन के एक सर्वे में दिखाया गया था कि अमेरिका के एक तिहाई लोग वैक्सीन नहीं लगवाएंगे, तब भी जब वैक्सीन सस्ती हो और आसानी से उपलब्ध हो जाए. वहीं, फाउची से जब पूछा गया कि अगर 70 से 75 फीसदी प्रभावी वैक्सीन, आबादी के दो तिहाई लोगों को दी जाती है तो क्या हर्ड इम्युनिटी हासिल होगी? उन्होंने कहा कि नहीं, इसकी संभावना कम है.

फाउची ने कहा कि अमेरिका के कुछ लोगों के बीच एंटी साइंस, एंटी ऑथोरिटी, एंटी वैक्सीन का माहौल बन रहा है. उन्होंने कहा कि एंटी वैक्सीन आंदोलन को देखते हुए हमें अभी काफी काम करना है ताकि लोगों को वैक्सीन की सच्चाई के बारे में बताया जा सके. लेकिन उन्होंने कहा कि यह आसान नहीं होगा.

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शस डिजीज के डायरेक्टर डॉ. एंथनी फाउची ने कहा- ‘खसरा के केस में हमें 97 से 98 फीसदी प्रभावी वैक्सीन मिली थी. ऐसा होगा तो बहुत अच्छा रहेगा. लेकिन मुझे नहीं लगता कि हम ऐसा कर पाएंगे. कोरोना वैक्सीन के 70 से 75 फीसदी प्रभावी होने पर मैं इस्तेमाल करना चाहूंगा.’

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