विधानसभा चुनाव के पहले केजरीवाल को मिली राहत, याचिका को वापस लेने का किया था अनुरोध

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता द्वारा दायर कराए गए मानहानि मामले में निचली अदालत ने समन जारी किया था। समन को रद करने की मांग को लेकर अरविंद केजरीवाल ने 8 जुलाई को हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन विशेष अदालत में चल रही नियमित सुनवाई के चलते अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट से इस याचिका को वापस लेने का अनुरोध किया था, जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इससे विधानसभा चुनाव के पहले केजरीवाल को राहत मिल सकती है।

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याचिका वापस लेने का किया था अनुरोध 

अधिवक्ता आर अरुंधति अय्यर व अधिवक्ता मोहम्मद इरशाद के माध्यम से याचिका को वापस लेने के संबंध में आवेदन दाखिल किया गया। इसमें केजरीवाल ने कहा कि इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित की गई सांसद व विधायकों के लिए सुनवाई करे वाली विशेष अदालत के समक्ष लंबित है और एक साल के अंदर इसका निपटारा होना ही है। ऐसे में वह याचिका को वापस लेना चाहते हैं।

BJP नेता विजेंद्र गुप्‍ता और एनजीटी से हाई कोर्ट ने मांगा था जवाब

हाई कोर्ट ने इससे पहले याचिका पर भाजपा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता व एनजीटी से जवाब मांगा था। हालांकि, निचली अदालत द्वारा 8 जुलाई को अर¨वद केजरीवाल के खिलाफ जारी समन पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था।

कसी ट्वीट से नहीं हुई मानहानी

केजरीवाल ने याचिका में दावा किया था कि उन्होंने विजेंद्र गुप्ता पर न तो कोई आरोप लगाया और न ही किसी ट्वीट के जरिये उनकी मानहानी की है। जबकि, नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अदालत में कहा था कि अरविंद केजरीवाल ने पहले अपनी सुरक्षा हटवाई और उसके बाद जब उन्हें थप्पड़ मारे जाने की घटना हुई तो इसका आरोप उन्होंने भाजपा और उन पर लगा दिया।

बार-बार छवि खराब करने की कोशिश

गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल बार-बार उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। विजेंद्र गुप्ता ने नोटिस भेजकर माफी मांगने के लिए कहा था, लेकिन माफी नहीं मांगने पर मानहानि का केस दायर कर एक करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा था। इस मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल के अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिली है।

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