वित्तमंत्री अरुण जेटली का दिल्ली के एम्स अस्पताल में हुआ निधन, बिहार में दो दिनों का राजकीय शोक

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी (BJP) के वरिष्‍ठ नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) का शनिवार को दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में लंबी बीमारी के बाद दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर निधन हो गया है। अरुण जेटली को कुछ दिन पहले ही सांस लेने में दिक्‍कत के कारण AIIMS में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे बिहार में शोक की लहर व्याप्त है। बिहार के राज्यपाल फागु चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी, राजद नेता शिवानंद तिवारी सहित भाजपा नेताओं ने अरुण जेटली को अपनी श्रद्धांजलि दी है।

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सीएम नीतीश ने जतायी गहरी संवेदना

मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि अरूण जेटली जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निवर्हन किया। वे एक उत्कृष्ट न्यायविद भी थे।

सीएम ने कहा कि उन्होंने उच्च राजनीतिक मूल्यों एवं आदर्षाें की बदौलत सार्वजनिक जीवन में उच्च शिखर को प्राप्त किया। उन्हाेंने अपने व्यक्तित्व की बदौलत राजनीतिक सीमाओं के परे सभी विचारधारा के राजनीतिक दलों का आदर एवं सम्मान प्राप्त किया। अरूण जेटली जी से मेरा व्यक्तिगत संबंध था, उनके निधन से मैं काफी मर्माहत हूॅ। अरूण जेटली जी का निधन देश के लिये एक अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता, उनकी कमी हमेशा खलेगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

अरुण जेटली के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शोक जताते हुए कहा कि जेटली एक सुलझे हुए व्यक्ति थे और प्रधानमंत्री की टीम के प्रमुख सदस्य थे। उनके निधन से राजनीति जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

पिछले कई दिनों से काफी बीमार थे जेटली

अस्पताल की तरफ से पिछले कुछ दिनों से उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही थी। बता दें कि जेटली काफी समय से एक के बाद एक बीमारी से लड़ रहे थे। इसी के चलते उन्‍होंने लोकसभा चुनाव, 2019 में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने का आग्रह किया था।

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