वन-डे सीरीज की ये हैं सबसे बड़ी सफलताएं, जो विश्वकप 2019 में देंगी भारत को बड़ा फायदा

2014 में न्यूजीलैंड ने पांच मैच की सीरीज में भारत को 4-0 से हराया था। पांच साल बाद भारत ने उसी जमीं पर जाकर सीरीज 4-1 से जीत ली। चौथे वन-डे को छोड़ दिया जाए तो पूरी सीरीज में भारतीय टीम का दबदबा था।
यह जीत कई मायनों में अहम है। आइए एक नजर डालते हैं श्रृंखला में मिली 4 अहम कामयाबियों पर जो चंद महीनों बाद होने वाले विश्वकप के लिए फायदेमंद होगी।
शमी की यादगार वापसी:
मोहम्मद शमी की गिनती भारतीय क्रिकेट में मौजूदा दौर के बेहतरीन गेंदबाजों में होती है। बावजूद इसके यह खिलाड़ी लंबे समय से वन-डे टीम से बाहर था। सिर्फ सफेद कपड़ों में रंगीन गेंद के साथ ही इनका कमाल देखने को मिलता था। चोटिल होने के बाद वन-डे टीम से बाहर हुए शमी को बाद में इस फॉर्मेट से ही दूर रखा जाने लगा। मगर अब जसप्रीत बुमराह की गैरहाजिरी में मौका मिलते ही शमी ने बता दिया कि वे हर फॉर्मेट में टीम के लिए अहम है।
इस गेंदबाज ने न सिर्फ नई और पुरानी दोनों गेंदों के साथ कमाल दिखाया बल्कि चार मैच में 9 विकेट झटककर मैन ऑफ द सीरीज का खिताब भी हासिल किया। इसी के साथ अब वन-डे में तीसरे तेज गेंदबाज को लेकर टीम का चिंता भी दूर हुई।
नंबर-4 का कन्फ्यूजन खत्म:
विश्वकप को लेकर काउंटडाउन तो शुरू हो चुका है। टीम भी लगभग तय है। मगर नंबर-4 को लेकर अब तक कन्फ्यूजन की स्थिती बनी हुई थी। इस पोजिशन को लेकर सबसे ज्यादा बातें हुई। कई दिग्गजों ने धोनी को इस पायदान पर उतरने की सलाह दी। मगर मौजूदा दौर में इस नंबर पर बल्लेबाजी का मोर्चा संभाल रहे रायुडू ने एकबार फिर विरोधियों को भी अपना मुरीद बना दिया।
सीरीज में रायुडू ने न सिर्फ सर्वाधिक 190 रन बनाए बल्कि पांचवें वन-डे में इसी पायदान पर खेलते हुए पहले टीम को संकट से उबारा और फिर जबरदस्त शॉट्स भी लगाए। हालांकि वे 90 रन बनाते हुए अपने शतक से चूके, लेकिन विश्वकप के लिए नंबर-4 पर अपनी जगह जरूर पक्की कर ली।
हाजमा बिगाड़ने को तैयार ‘कुलचा’
अनिल कुंबले-हरभजन सिंह, रवि अश्विन-रवींद्र जडेजा के बाद अब भारत के पास एक नई युवा स्पिन जोड़ी तैयार है। कुलदीप यादव-युजवेंद्र चहल ने न सिर्फ सालभर के भीतर विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई बल्कि दुनिया के हर बल्लेबाज को परेशान भी किया।
‘कुलचा’ के नाम से मशहूर इस जोड़ी ने सीरीज में कुल मिलाकर 17 विकेट झटके। जहां युजवेंद्र चहल के खाते में 9 तो कुलदीप यादव ने 8 विकेट लिए। इस प्रदर्शन के बिनाह पर तो यह कहा ही जा सकता है कि विश्वकप के लिए दोनों की टीम में जगह लगभग पक्की ही है।
विवाद के बाद पांड्या की जोरदार वापसी
हार्दिक पांड्या के लिए पिछले कुछ दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं थे। ‘कॉफी विद करन’ शो में महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान देने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। पूर्व क्रिकेटर्स ने जमकर लताड़ा तो फैंस ने भी साथ छोड़ दिया।
बावजूद इसके टीम मैनेजमेंट ने भरोसा जताते हुए पांड्या को टीम में शामिल किया। पांड्या ने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया। बतौर गेंदबाज पहले तीन मैच में चार विकेट लिए। बाद में बल्ले से दो पारियों में 61 रन भी जुटाए। वेलिंग्टन में हुए आखिरी वन-डे में 22 गेंदों में 45 रन की उनकी पारी ने मैच भारत की तरह ला दिया।





