लोकसभा चुनाव 2019: एक तीर से दो निशाने साधने की तैयारी में कांग्रेस

पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों के बीच कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी जुट गई है. 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस दलितों को अपने साथ जोड़ना चाहती है. इसके लिए कांग्रेस ने खास तैयारी की है. कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव से पहले दलित समुदाय को अपने पक्ष में लामबंद करने के मकसद से ‘संविधान से स्वाभिमान’ अभियान शुरू करने जा रही है, जिसके तहत पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता नरेंद्र मोदी सरकार की ‘दलित एवं संविधान विरोधी नीतियों’ के बारे में लोगों को अवगत कराएंगे.
एक तीर से दो निशाने लगाना चाहती है कांग्रेस
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं हो सका है. मायावती लगातार तल्ख अंदाज में कांग्रेस पर जुबानी हमले कर रही हैं. वह यहां तक कह चुकी हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन की गारंटी नहीं देती हैं. इससे साफ है कि दलितों को अपने पाले में लाने के लिए कांग्रेस को अपने लिए नीति बनानी होगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में लगातार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हैं. इसके अलावा SC/ST ऐसी हालत में कांग्रेस दलितों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में जुटी है.
गांव-गांव जाकर दलितों को जोड़ेगी कांग्रेस
पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा स्वीकृत इस अभियान के अंतर्गत अगले 90 दिनों तक गांव-गांव जाकर दलित समाज के लोगों के साथ सीधा संपर्क साधा जाएगा तथा छोटे-बड़े सम्मेलनों का भी आयोजन किया जाएगा. 2019 के लिए दलित समाज को अपने पक्ष में लामबंद करने के मकसद से इस अभियान का क्रियान्वयन कांग्रेस पार्टी का अनुसूचित जाति विभाग कर रहा है. इसकी औपचारिक शुरुआत सोमवार को दिल्ली से होगी और यह अभियान अगले साल फरवरी महीने के मध्य तक चलेगा.
जनता को बताएगी कांग्रेस दलित विरोधी हैं पीएम मोदी
पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन राउत ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद हम ‘संविधान से स्वाभिमान’ अभियान शुरू करने जा रहे हैं. इस अभियान के जरिए हम दलित समाज का स्वाभिमान जगाएंगे और उन्हें बताएंगे कि मोदी सरकार किस तरह से बाबा साहेब द्वारा बनाए गए संविधान पर हमले कर रही है.’ उन्होंने कहा, ‘हम गांव-गांव जाएंगे और देश भर में सम्मेलन करेंगे. हमारे नेता दलित समाज को मोदी सरकार की दलित एवं संविधान विरोधी नीतियों के बारे में बताएंगे.’ राउत ने कहा कि पार्टी की ओर से, मोदी सरकार के ‘दलित एवं संविधान विरोधी कदमों’ को लेकर पर्चे भी छपवा कर बांटे जाएंगे.





