लखनऊ के मनकामेश्‍वर मंदिर में सुबह से ही भक्‍तों का उमड़ा पड़ा जनसैलाब, हर हर महादेव से गूंजे मंदिर

महा शिवरात्रि का पावन पर्व आज है। पूरे देश में माघ मास की कृष्‍ण चर्तुदशी में महा शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। राजधानी लखनऊ प्रदेश भर शिवरात्रि का पर्व धूम धाम से मनाया जा राह है। सुबह से ही श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा करने मंदिरों में उमड़ रहे हैं। गत वर्ष कोरोना की वजह से सार्वजनिक तौर पर आयोजन नहीं हुए थे। वहीं इस साल मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बन रही है। 

मनकामेश्वर मंदिर में लगी लंबी कतारें

डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी। सुबह से ही लाइन में लगे महादेव के भक्त हर हर महादेव और बम भोले के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। अत्यधिक भीड़ होने के कारण सुरक्षाकर्मी लोगों को समझते बुझाते रहे। मंदिर की महंत देव्यागिरि ने बताया कि अगर महाशिवरात्रि के दिन व्रत, पूजन या धार्मिक आयोजन करते हैं तो इससे बाकी दिनों की अपेक्षा अत्यधिक पुण्य मिलता है। आज के दिन किए गए किसी भी पुण्य कार्य का फल वर्ष भर मिलता है। लोगों से यही अपील करना चाहूंगी कि मास्क लगाकर और शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बाबा के दर्शन करें।

इन मंदिरों में भी उमड़े भक्त 

आलमनगर के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, चौक के कोनेश्वर महादेव मंदिर, चौपटिया स्थित छोटा और बड़ा शिवाला में भी शिव भक्तों की सुबह से ही कतार लगी रही। इसके अलावा एलडीए कॉलोनी स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर, कृष्णा नगर के इंद्रेश्वर और सहसैवीर मंदिर, सआदतगंज लकडमंडी के पर्वतनाथ शिव मंदिर, राजाजीपुरम ओमकारेश्वर महादेव मंदिर में भी काफी भीड़ रही।

शिव बारात और भंडारे का किया गया आयोजन

महाशिवरात्रि के मौके पर विभिन्न मंदिरों में शिव बारात और भंडारे का आयोजन किया गया है। वहीं निराला नगर स्थित सौ वर्ष पुराने नर्मदेश्वर मंदिर में श्रृंगार, पूजा आरती और भजन संध्या का अयोजन किया गया है।मान्‍यता है कि इस दिन भगवान शंकर और मां पार्वती का विवाह संपन्‍न हुआ था। इस दिन शिवभक्‍त उपवास रखते हैं और भगवान शिव की अराधना करते हैं। वहीं भगवान शिव को हल्‍दी का उबटन लगाया जाएगा। शाही स्‍नान सुबह आठ बजे से शुरू हो गया है। 101 साल बाद शाही स्‍नान होगा। वहीं राजधानी लखनऊ में जगह जगह से शिव बरात निकाली जाएगी। 

अयोध्‍या में भी नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, विघ्नेश्वरनाथ जैसे पौराणिक महत्व के शिव मंदिरों सहित अन्य शिव मंदिरों में गुरुवार को तड़के से ही श्रद्धालु अभिषेक के लिए उमड़े। नागेश्वनाथ मंदिर से सायं शिव बरात निकाली जाएगी। यहां से निकलने वाली करीब एक किलोमीटर लंबी बरात शिवरात्रि की पहचान मानी जाती है और पखवारे भर पूर्व से शुरू शिव बरात की तैयारी बुधवार की शाम तक अंतिम स्पर्श पाती रही। यहां से निकलने वाली बरात रामजन्मभूमि क्षेत्र की परिक्रमा करती हुई वापस पहुंचती है। बरात का हर वर्ष की तरह इस बार भी क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर स्वागत किया जाएगा।

अयोध्या एवं फैजाबाद शहर के करीब आधा दर्जन अन्य स्थलों से भी बरात निकाली जाएगी। महा शिवरात्रि उत्सव समिति की ओर से कमला नेहरू भवन के निकट गुरुवार को रात नौ बजे से जवाबी कीर्तन भी संयोजित है। भोले के जिन मंदिरों में झांकी भक्तों को आह्लादित करेगी, उनमें गुप्तारघाट सथित पंचमुखी महादेव मंदिर प्रमुख है। पंचमुखी महादेव मंदिर में इस बार भोले की झांकी रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित भव्य मंदिर की अनुकृति के रूप में सज्जित की ।

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