राहुल गांधी ने मोदी से पूछा- क्या गुजरात की बहनों से किए वादे पूरे करने का कोई इरादा नहीं?

नई दिल्ली.गुजरात चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट ने रविवार को गुजरात में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मोदी से 5वां सवाल पूछा। राहुल ने कहा कि बीजेपी सरकार ने महिलाओं से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन उनका सिर्फ शोषण हुआ। राहुल ’22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब’ नाम से ट्विटर पर सीरीज चलाकर मोदी से जवाब मांग रहे हैं। बता दें कि गुजरात में कांग्रेस 22 साल से सत्ता से बाहर है। गुजरात विधानसभा के लिए 9 और 14 दिसंबर को दो फेज में चुनाव हैं। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।राहुल गांधी ने मोदी से पूछा- क्या गुजरात की बहनों से किए वादे पूरे करने का कोई इरादा नहीं?

राहुल ने अब तक मोदी से पूछे 5 सवाल

पांचवां सवाल- 3 दिसंबर

– ”न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण, महिलाओं को मिला तो सिर्फ शोषण, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा। गुजरात की बहनों से किया सिर्फ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा।”

चौथा सवाल- 2 दिसंबर

– “सरकारी स्कूल-कॉलेज की कीमत पर किया शिक्षा का व्यापार महंगी फीस से पड़ी हर छात्र पर मार, New India का सपना कैसे होगा साकार?”
– “सरकारी शिक्षा पर खर्च में गुजरात देश में 26वें स्थान पर क्यों? युवाओं ने क्या गलती की है?”

30 नवंबर- तीसरा सवाल

– “2002-16 के बीच 62,549 करोड़ की बिजली खरीद कर 4 निजी कंपनियों की जेब क्यों भरी?”
– “सरकारी बिजली कारखानों की क्षमता 62% घटाई पर निजी कम्पनी से 3 रु./ यूनिट की बिजली 24 रु. तक क्यों खरीदी? जनता की कमाई, क्यों लुटाई?”

दूसरा सवाल- 29 नवंबर

– “1995 में गुजरात पर कर्ज़-9,183 करोड़। 2017 में गुजरात पर कर्ज-2,41,000 करोड़। यानी हर गुजराती पर 37,000 रु. का कर्ज।”
– “आपके वित्तीय कुप्रबन्धन व पब्लिसिटी की सजा गुजरात की जनता क्यों चुकाए?”

पहला सवाल- 28 नवंबर

– “2012 में वादा किया कि 50 लाख नए घर देंगे। 5 साल में बनाए 4.72 लाख घर।”
– “प्रधानमंत्रीजी बताइए कि क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे?”

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हिंदू-गैर हिंदू के विवाद में घिरे हैं राहुल

– हाल ही में सोमनाथ मंदिर के गैर-हिंदू रजिस्टर में राहुल की एंट्री को लेकर विवाद हुआ गया था। इस मामले में कई बीजेपी नेता उनपर निशाना भी साध चुके हैं।
– हालांकि, राहुल ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी पर पलटवार करते हुए खुद को शिवभक्त बताया। राहुल ने ये भी कहा था, “हमें अपने धर्म को लेकर किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। हम इसका बिजनेस या दलाली नहीं करना चाहते, ना ही हम इसका सियासी इस्तेमाल करना चाहते हैं।”
– उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को बीजेपी की राजनीतिक साजिश बताया

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