बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के वकील से मांगे जमीन पर कब्जे के सबूत, कहा…

अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर आज भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इस मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में 5 जजों की पीठ रोजाना सुनवाई कर रही है, जिसमें हफ्ते में पांच दिन ये मामला सुना जा रहा है. शुक्रवार को इस मामले की आखिरी सुनवाई में वक्फ बोर्ड की तरफ से 5 दिन तक सुनवाई का विरोध किया गया था, हालांकि अदालत ने इस विरोध को स्वीकार नहीं किया. मंगलवार को भी रामलला के वकील ने अपनी दलीलें पेश की.

Loading...

लाइव सुनवाई

इस दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि आपकी दुनिया देखने का नजरिया आपका नजरिया है लेकिन आपके देखने का नजरिया एक मात्र नजरिया नहीं हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि एक नजरिया ये है कि स्थान खुद में ईश्वर है और दूसरा नजरिया ये है कि वहां पर हमें पूजा करने का हक मिलना चाहिए. हमें दोनों को देखना होगा.

इस पर रामलला के वकील वैद्यनाथन ने कहा कि ये हमारा नजरिया है, अगर कोई दूसरा पक्ष उसपर दावा करता है तो हम डील कर लेंगे. लेकिन हमारा मानना है कि स्थान देवता है और देवता का दो पक्षों में सामूहिक कब्जा नहीं दिया जा सकता.

शशि थरूर के खिलाफ कोलकाता कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट, जानें पूरा मामला…

सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान से जमीन पर कब्जे के सबूत पेश करने को कहा है. संविधान पीठ ने कहा कि आप सुन्नी वक्फ बोर्ड के दावे को नकार रहे हैं, आप अपने दावे को कैसे साबित करेंगे.

जिसके बाद रामलला के वकील वैद्यनाथन ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजों के फैसले में वैचारिक तालमेल नहीं हैं. रामलला विराजमान देवता हैं, दूसरी जगह वो कहते हैं कि संपत्ति के मालिक हैं. जब स्थान खुद में पूजनीय है और देवता है, तो ये नहीं कहा जा सकता है कि वहां भगवान रहते हैं. ऐसे में इस पर सामूहिक कब्जा नहीं हो सकता है.

Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com