रजनीकांत के राजनीति में आने को लेकर कयास तेज

तमिलनाडु में राजनीतिक उठा-पठक के बीच भारतीय जनता पार्टी साउथ में भगवान माने जाने वाले सुपरस्टार रजनीकांत के जरिए प्रदेश में पैठ मजबूत करना चाहती है। सूत्रों के अनुसार रजनीकांत के राजनीति में आने को लेकर कयास तेज हो गए हैं।रजनीकांत के राजनीति में उतरने की खबर से बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को नगवार गुजरी हैइस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि रजनीकांत खुद की राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं, जिसमें उन्हें भाजपा का साथ मिल सकता है। पार्टी को लेकर संघ के एस गुरुमूर्ति  ने रजनीकांत से बात की है। जानकार बता रहे हैं कि गुरुमूर्ति ने रजनी से नई पार्टी शुरू करने को कहा है।जानकार बता रहे हैं कि गुरुमूर्ति ने यह पहल भाजपा के प्लान के तहत की है। इससे पहले भी भाजपा लोकसभा चुनाव के दौरान रजनीकांत को भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ाना चाहती थी,लेकिन वह कामयाब नहीं हो सकी।गौरतलब है कि भाजपा दक्षिण भारत के इस राज्य में अपनी पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।

अमिताभ ने कहा दूर रहो राजनीति से

कई लोगों का मानना है कि तमिलनाडु में मौजूदा राजनीतिक स्थिति से रजनीकांत काफी नाखुश हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मृत्यु के बाद आए खालीपन से जोड़कर भी देख रहे हैं, जिनका पिछले साल कई महीनों तक अस्पताल में रहने के बाद दिसंबर में निधन हो गया था।

एआईएडीएमके के वीके शशिकला को मुख्यमंत्री के पद के लिए चुने जाने के बाद रजनीकांत के फैंस ने सोशल मीडिया पर उन्हें मैसेज भेजे हैं। इनमें उन्होंने “थलाइवा” से उन्हें इस स्थिति से बचाने के लिए कहा है, जिसमें ये भी लिखा गया है कि शशिकला को सीएम नहीं बनना चाहिए।
रजनीकांत के राजनीति में उतरने की खबर से बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को नगवार गुजरी है तभी उन्होंने रजनीकांत को राजनीति में आने से मना किया है। दोनों सुपरस्टार बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों साथ काम करने के साथ अच्छे मित्र भी हैं।
उल्‍लेखनीय है कि राजनीति को लेकर अमिताभ का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। वर्ष 1980 में इलाहाबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़कर जीतने के बाद बोफोर्स तोप दलाली मामले में आरोप लगने के बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था।

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