रणबीर-अनुष्का को प्रशंसकों का टोटा, देखने नहीं आ रही भीड़

Ranbir-Anushka-1459484127एजेन्सी/मंडावा। धर्मा प्रोडक्शन बैनर तले निमार्णाधिन फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ के सितारे व यूनिट्स सदस्यों ने गुरूवार तीसरे दिन भी दिनभर आराम किया। रणबीर कपूर, अनुष्का शर्मा व डायरेक्टर करण जौहर चूड़ी अजीतगढ़ स्थित होटल विवाना में दोपहर 2 बजे सो कर उठे तथा उसके बाद ब्रेकफास्ट लेकर वापस रूम में चले गए। वहीं दोपहर साढ़े तीन बजे सभी ने लंच लिया। गुरुवार को दिनभर फिल्म की शूटिंग बंद रही। बुधवार रात को फिल्म की शूटिंग नवलगढ़ में हुई थी।

उधर इस समय कॉलेजों की परीक्षाएं चलने के कारण फिल्म शूटिंग देखने के लिए युवाओं की भीड़ नहीं उमड़ रही है। जबकि पीके और बजरंगी भाईजान की शूटिंग के दौरान जबरदस्त भीड़ उमड़ रही थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ती थी।

पीके नही ला पाया था अनुष्का को
सन 2013 में यहां पर राजकुमार हिरानी के निर्देशन में फिल्म अभिनेता आमीर खान व संजय दत्त को लेकर फिल्म पीके की शूटिंग हुई थी। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री अनुष्का शर्मा थी जो यहां पर शूटिंग के लिए नही आई थी। लेकिन तीन साल बाद रणबीर कपूर के साथ अनुष्का यहां पर ‘ए दिल है मुश्किल’ की शूटिंग करने के लिए आई है।

अब तक ये स्टार मंडावा आए
कस्बे सहित आसपास इलाकों में फिल्म गुलामी, मनोरमा, जब वी मेट, कच्चे धागे, लव आज कल, कोई मेरे दिल से पूछे, सुपर से ऊपर, जेड प्लस, पीके, बजरंगी भाईजान, मिर्जा साहिबान आदि फिल्मों की शूटिंग यहां  हो चुकी है। इसके लिए आमीर खान, संजय दत्त, हेमामालिनी, अजय देवगन, नसरूदीन शाह, मिथून चक्रवती, कुलभूषण खरबंदा, सैफ अली खान, करीना कपूर, अभय देवल, ईशा देवल, मयूरी कांगो, अजंली जटार, गुलशन ग्रेावर, जया बच्चन, ओमपुरी, दीपीका पादूकोण, मनोज तिवारी, श्यापाल, रायमा सैन, गुल पनाग, आदिल हुसैन, ऋषी कपूर, परीनिती चौपड़ा, सुशांतसिंह राजपूत, हर्षवर्धन कपूर, श्यामी खेर आदि स्टार यहां पर फिल्मों की शूटिंग कर चुके है।

इनका कहना है
अपनी फिल्मों में भिन्नता दिखाने के लिए ही फिल्म वालों का रूझान शेखावाटी में बढ़ा है। यहां की हवेलियों में नई पुरानी कला का अनुठा मिश्रण देखने को मिलता है। ऐसी संस्कृति को कौन नही देखना चाहेगा इसके चलते ही फिल्म निर्माता मुंबई को छोड़कर यहां शूटिंग करने आ रहे है। दुसरा इनका बजट कम हो जाता है व ज्यादातर लोकेशन बड़े शहरों से अच्छी व कम लागत में मिल जाती है तथा सैट आदि बनाने में परेशानी भी कम होती है। पीके के बाद तो कस्बे की पुरे विश्व में अलग पहचान बनी तथा मंडावा कस्बे को बॉलीवुड मानने लगे।

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